इसके लिए राज्य की 200 विधानसभा सीटों पर दूसरे राज्यों के विधायकों से रिपोर्ट तैयार करवाने की मशक्कत चल रही है।
ऐसे में शुक्रवार से यूपी, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, एमपी के 200 विधायक प्रदेश में पहुंचना शुरू हो गए हैं।
दूसरे राज्यों से आए भाजपा के इन विधायकों को एक-एक विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है जो उन क्षेत्र में जाएंगे और 7 दिन तक वहीं रहकर ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करेंगे।
ये रिपोर्ट पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को सौंपी जाएंगी और उसके बाद ही पार्टी आलाकमान प्रत्याशी का चयन करेंगे।
कैसे तैयार होगी रिपोर्ट ?
अन्य राज्यों से प्रदेश में पहुंचे ये सभी विधायक उस विधानसभा सीट के प्रत्येक समीकरण पर नजर रखते हुए रिपोर्ट तैयार करेंगे।
रिपोर्ट में बताया जाएगा कि किस विधानसभा सीट से कौन मजबूत दावेदार है और जनता में उसकी पकड़ कितनी है।मौजूदा
उनके नामों की सूची भी विधायक अपनी रिपोर्ट में शामिल करेंगे।
रिपोर्ट में दावेदारों के अलावा भाजपा की स्थिती भी देखी जाएगी कि किस सीट पर पार्टी मजबूत है और किस पर कमजोर।
यहीं नहीं, इस रिपोर्ट में बागियों और तीसरे मार्चे पर भी नजर रखी जाएगी।
जिन सीटों पर भाजपा उपचुनाव में हारी है, उस हार के कारणों का भी पता लगाया जाएगा।
इसके अलावा जिन सीटों पर कांग्रेस जीत रही है। वहां पर भाजपा की हार की समीक्षा की जाएगी।
दूसरे राज्योां से आए सभी विधायक अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में सामाजिक समीकरण समझ कर मतदाताओं पर भी फोकस करेंगे।
ऐसे सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर रिपोर्ट तैयारी होगी जिसके बाद पार्टी में इन पर मंथन किया जाएगा।