सीएम गहलोत ने शाह को पत्र लिखकर मांग की है कि यह एक ‘ओपन एंड शट’ प्रकृति का केस है, जिसमें घटनाक्रम के स्पष्ट सबूत मौजूद हैं.
ऐसे केस में भी एक साल तक दोषियों को सजा ना मिलना दुखद है. आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा कई दुष्कर्म और हत्या के मामलों में फास्ट ट्रायल कर आरोपियों को एक महीने के अंदर कोर्ट से फांसी की सजा दिलवाई है परन्तु इस मामले अभी तक दोषियों को सजा नहीं हुई.
गहलोत ने लिखा, कन्हैयालाल हत्याकांड के बाद राजस्थान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 घंटे के भीतर दोनों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया एवं पूरे राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को सामान्य बनाए रखा.
उसी रात केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (एनआईए) ने इस केस को अपने पास ले लिया था क्योंकि संभवतः उन्हें इस घटनाक्रम के पीछे अंतरराष्ट्रीय साजिश होने का इनपुट मिला होगा.
अमित शाह को पत्र में सीएम ने लिखा कि राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद इन अपराधियों से प्रारंभिक पूछताछ कर ली थी. राज्य सरकार की एजेंसियों ने एनआईए को पूर्ण सहयोग किया है. एनआईए देश की प्रीमियर संस्था है. गृहमंत्री अमित शाह को एनआईए को जल्द से जल्द सजा दिलवाने हेतु निर्देशित करना चाहिए.
ऐसे मामले में कानून के दायरे में जल्द से जल्द सख्त सजा जनता में न्याय के प्रति भरोसा बढ़ाएगी.
जानकारी के मुताबिक इस मामले में अशोक गहलोत ने संज्ञान लेते हुए समय समय पर पीड़ित परिवार के साथ संवेदनाए प्रकट की हैं और कन्हैयालाल के दोनों पुत्रों को राज्य सरकार की ओर से सरकारी नौकरी दी गई है
कन्हैंयालाल हत्याकांड मामले में गहलोत ने अमित शाह को पत्र लिखकर बीजेपी के सपनों पर पानी फेर दिया है। अब जिस मामले को बीजेपी चुनावी मुद्दा बनाने वाली थी उस पर गहलोत का यह कदम बीजेपी को कैसे प्रभावित करेगा यह तो गृहमंत्री अमित शाह की 30 जून को उदयपुर में होने वाली जनसभा के भाषण के बाद ही पता चलेगा।