इस प्रस्ताव के अनुसार, पांचवें वेतन आयोग तथा राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम, 1998 के तहत काम करने वाले राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते अथवा महंगाई राहत की दर में बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है।
सीएम गहलोत के इस ऐलान के साथ ही राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
आपको बता दें कि, सीएम गहलोत चोटिल है और उनके दोनों पैरों में कच्चा प्लास्टर बंधा है। ऐसे में वे अपने आवास से ही प्रदेश की जनता को खुशियां बांट रहे हैं और उनका समर्थन जुटाने में लगे हैं।
अब बढ़कर 412 प्रतिशत हुआ महंगाई भत्ता
गहलोत सरकार के इस फैसले के बाद अब राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को 1 जनवरी, 2023 से बढ़ा हुआ भुगतान किया जाएगा।
सीएम के ऐलान के अनुसार, अब महंगाई भत्ता 396 प्रतिशत से बढ़कर 412 प्रतिशत हो गया है।
इसके साथ ही ये राशि संबंधित कर्मचारियों के सामान्य प्रावधायी निधि खाते में जमा हो जाएगी, जबकि पेंशनर्स को बढ़े हुए महंगाई भत्ते का नकद भुगतान किया जाएगा।
दव्यांगों को भी दी बड़ी राहत
इसके साथ सीएम गहलोत ने गुरूवार को और भी बड़ी घोषणाएं की है। जिनमें दिव्यांगों को भी बड़ी राहत का ऐलान किया है।
सीएम गहलोत ने दिव्यांगों के लिए संचालित अनुदानित शिक्षण संस्थाओं को ब्रेल पुस्तकें एवं खेल सामग्री उपलब्ध कराने के वित्तीय प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इसमें राज्य सरकार को 2.07 करोड़ रुपए का खर्चा वहन करना होगा।
सरकार के इस ऐलान के बाद दृष्टिबाधित छात्रों व शिक्षकों के लिए ब्रेल पुस्तकों के 700 सेट और सभी श्रेणियों के 7700 विद्यार्थियों के लिए खेल सामग्री के 1925 किट भी मुहैया कराए जाएंगे।
आपको ये भी बता दें कि, दिल्ली में आज राजस्थान की सियासत को लेकर हुई बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं।
पार्टी आलाकमानों ने गहलोत और पायलट में सुलह कराते हुए मिलकर चुनाव लड़के का ऐलान किया है। ऐसे में अब पार्टी नेताओं का पूरा फोकस जनता का समर्थन प्राप्त करना है।