सीएम गहलोत ने बिना पायलट का नाम लिए उन पर तंज कसते हुए कहा है कि पेपर आउट होने पर मुआवजे की मांग करना बुद्धि का दिवालियापन है।
आपको बता दें कि सचिन पायलट ने सीएम अशोक गहलोत के खिलाफ तीन मांगों को लेकर आंदोलन छेड़ रखा है और सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दे रखा है।
सीएम बोले- इसे तो बुद्धि का दिवालियापन ही कहेंगे
दरअसल, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुरूवार को राजधानी जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड पर नए टर्मिनल के लोकार्पण कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे।
इस दौरान सीएम गहलोत ने कहा कि 26 लाख युवाओं को रीट के लिए निशुल्क ट्रांसपोर्ट दिया गया, उनका किराया बचाया गया, मगर जब पेपर आउट हो गया तो वही हाईलाइट हो गया।
हमारे यहां मांग की जाती है कि पेपर आउट हो गया तो मुआवजा दो, इसे बुद्धि का दिवालियापन ही कहेंगे।
दुनिया में ऐसी मांग किसी ने आज तक नहीं की है यह लोग समझते ही नहीं है कि आखिर करना क्या है?
आपको बता दें कि सचिन पायलट ने जिन मांगों को लेकर सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दे रखा है उसमें एक मांग पेपर आउट होने पर अभ्यर्थियों को मुआवजा देने की भी है।
हाउसिंग बोर्ड और रोडवेज बंद करने की बात हुई और 3 विश्वविद्यालय बंद कर दिए। ग्रामीण बस सेवा बंद कर दी।
उत्तराखंड त्रासदी में जो लोग मर गए थे उन्हें अनुकंपा नियुक्ति दी थी उनकी नौकरी तक छीन ली गई।
हम निपटा लेंगे गहलोत-पायलट की खटपट
वहीं दूसरी ओर, राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंद्र रंधावा ने दावा किया कि कांग्रेस में अंदरूनी झगड़ों को हम निपटा लेंगे।
रंधावा ने गुरुवार को सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान गहलोत और पायलट खेमे के बीच चल रही खटपट को लेकर कहा कि जिस पार्टी और घर में कुछ होता है तो लड़ाई भी वही होती है।
यदि कहीं कुछ होगा ही नहीं तो वहां लड़ाई क्या होगी। हम लोग इस मुद्दें को शांति से सुलझा लेंगे।