इस दौरान उन्होंने ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं देने पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर निशाना साधते हुए उन्हें निकम्मा-नकारा तक कह दिया।
गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने वादे से मुकर गए। राजस्थान ने 25 सांसद जिताकर दिए, क्या एक परियोजना को भी राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं कर सकते?
सीएम ने कहा कि मंत्री यहां का है। इतना निकम्मा-नकारा मंत्री है वो, हमारा मंत्री अपना, जोधपुर का एमपी। क्या एक परियोजना राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं करवा सकता।
बहानेबाजी करते हैं, लोगों को भ्रमित करते हैं। 25 एमपी क्या कर रहे हैं, एक के पास भी जवाब नहीं है।
प्रधानमंत्री ने जयपुर में वादा करके नहीं निभाया
मुख्यमंत्री ने कहा- ईआरसीपी की योजना पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के वक्त की है, लेकिन हम बंद नहीं करते हैं। हम उनके वक्त की योजना को आगे बढ़ा रहे हैं। मुझे दुख होता है ईआरसीपी, जिसमें जयपुर भी शामिल है, उसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं दिया। ईआरसीपी में 13 जिले हैं।
गजेंद्र सिंह शेखावत का पलटवार- ये जोधपुर की जनता का अपमान है...
सीएम अशोक गहलोत का वार होने के बाद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी मुख्यमंत्री गहलोत के उस बयान पर पलटवार किया है।
भाजपा की तीसरी परिवर्तन यात्रा का गुरुवार को जोधपुर में समापन हुआ। इस दौरान गजेंद्र सिंह शेखावत ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह सीएम के ये शब्द जोधपुर की जनता का अपमान है, क्योंकि जोधपुर की जनता ने ही मुझे जिताकर केंद्र में भेजा है।
आज राजस्थान में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। राज्य सरकार महिलाओं को सुरक्षा नहीं दे पाई, युवाओं को रोजगार नहीं दे पाई किसान बेहाल हैं।