सीएम गहलोत के इस बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे।
दरअसल, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह बयान बुधवार को बिरला सभागार में सखी गुलाबी नगरी संस्थान की ओर से आयोजित ’तारंगना 2023 कार्यक्रम के दौरान दिया।
देश की प्रगति में महिलाओं की भूमिका अहम
सीएम गहलोत ने कहा कि, एक सशक्त शिक्षित एवं स्वाबलंबी महिला देश की प्रगति में भागीदार बनती है। भारत जैसे पुरुष प्रधान देश में महिलाओं का बराबरी का दर्जा होना चाहिए।
संसद व विधानसभा में आरक्षण की मांग चल रही है जिस दिन ऐसा होगा उस दिन हो सकता है कि मुझे और बीडी कल्ला जी को घर बैठना पड़े।
सीएम गहलोत ने कहा कि घूंघट प्रथा भी धीरे-धीरे समाप्त हो रही है। अब महिलाएं सरपंच मेयर विधायक बन रही हैं।
राजीव गांधी ने सत्ता में भागीदारी के लिए महिलाओं को आरक्षण दिया।
जयपुर में मेयर दोनों महिलाएं ही हैं। सरकार ने जन आधार कार्ड में महिलाओं को घर का मुखिया बनाया है।
गौरतलब है कि राजस्थान में इस वक्त पायलट और गहलोत गुट के बीच जबरदस्त मुकाबला देखा जा रहा है।
ऐसे में सीएम गहलोत का यह बयान राजनीतिक सियासी गलियारे में काफी चर्चा का विषय बन गया।