बता दें कि सोमवार को सीएम गहलोत ने जून और जुलाई महीने की राशि लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की।
योजना के तहत इन बच्चों का पालन-पोषण करने वाले व्यक्ति को बच्चों की शिक्षा, खाने-पीने और कपड़ों की व्यवस्था के लिए प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जाती है।
कार्यक्रम के दौरान सीएम गहलोत चोटिल होने के कारण अपने दोनों पैर एक टेबल पर रखकर बैठे दिखाई दिए।
सीएम ने कहा कि हम किसी भी सरकार की योजना को बंद नहीं करते हैं बल्कि उस योजना को मजबूत करने का काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि ये पालनहार योजना भी वसुंधरा सरकार की है लेकिन उन्होंने इस योजना के लिए कोई काम नहीं किया।

बोले- भगवान चाहते हैं कि मैं थोड़ा आराम भी करूं
इसी के साथ सीएम गहलोत ने मजाकियां लहजे में कहा कि मेरे दोनों पैरों में चोट लगी है।
इसके पीछे भगवान ये चाहता होगा कि मैं थोड़े दिन आराम करूं। जिस तरह से पिछले दिनों मैं बिना आराम किए लगातार दौरे कर रहा था तो भगवान ने चाहा है कि अब थोड़ा आराम कर लूं।
गौरतलब है कि सीएम गहलोत गुरुवार को अपने निवास पर पिसल कर गिर गए थे और चोटिल हो गए थे जिसके बाद उन्हें SMS अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों ने उनके पैर के एक अंगूठे में हल्का फ्रेक्चर होने की पुष्टि की तो वहीं दूसरे अंगूठे में कंप्रेशन बैंडेज बांधी गई।
इन बच्चों का सरकार करेगी पालनहार
- अनाथ बच्चे, न्यायिक प्रक्रिया से मृत्यु दण्ड/आजीवन कारावास प्राप्त माता/पिता के बच्चे।
- पेंशन प्राप्त कर रही विधवा माता के बच्चे, पुनर्विवाहित विधवा माता के बच्चे।
- एच.आई.वी./एड्स से पीड़ित माता/पिता के बच्चे।
- कुष्ठ रोग से पीड़ित माता/पिता के बच्चे,नाता जाने वाली माता के बच्चे।
- विशेष योग्यजन माता/पिता के बच्चे, पेंशन प्राप्त कर रही तलाकशुदा/परित्यक्ता महिला के बच्चे।
- सिलिकोसिस पीड़ित माता/पिता के बच्चे।