
मुख्यमंत्री का संबोधन: संस्कृति और उद्योग का संगम
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट केवल एक व्यापारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, शिल्प परंपरा और हमारी औद्योगिक शक्ति का एक साझा मंच है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत को एक बड़े निवेश केंद्र के रूप में देख रही है। राजस्थान के संदर्भ में उन्होंने बताया कि प्रदेश में 85 प्रकार के खनिज पाए जाते हैं और यहां के हर जिले की अपनी एक विशिष्ट पत्थर पहचान है। मुख्यमंत्री ने गर्व से उल्लेख किया कि राष्ट्रपति भवन, संसद भवन और सुप्रीम कोर्ट जैसे देश के गौरवशाली भवनों में राजस्थान के पत्थर का उपयोग हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजस्थान का पत्थर न केवल टिकाऊ है, बल्कि इसका मेंटेनेंस भी बेहद कम होता है।

MSME और श्रमिक कल्याण पर विशेष ध्यान
राज्य सरकार के विजन को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने 'वन डिस्ट्रिक्ट–वन प्रोडक्ट' की तर्ज पर 'वन डिस्ट्रिक्ट–वन स्टोन' योजना पर चर्चा की। उन्होंने MSME और छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि श्रमिकों का सम्मान, उनकी सुरक्षा, उचित मजदूरी और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने उद्योगपतियों से आधुनिक तकनीक अपनाने और राजस्थान के पत्थरों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए टीम वर्क के साथ काम करने का आह्वान किया।
उद्योग मंत्री का वक्तव्य: पत्थर खुद बोलते हैं
राजस्थान के उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने अपने भाषण में कहा कि राजस्थान एक ऐसा प्रदेश है जहां इतिहास लिखने की आवश्यकता नहीं पड़ती, क्योंकि यहां के पत्थर खुद अपना इतिहास बोलते हैं। उन्होंने बताया कि 2007 में शुरू हुआ इंडिया स्टोनमार्ट अब अपने 13वें संस्करण में प्रवेश कर चुका है और आज यह एक पूर्ण वैश्विक मंच बन गया है। इस वर्ष ईरान, इटली, तुर्की और चीन जैसी अंतरराष्ट्रीय शक्तियों की 66 कंपनियां भाग ले रही हैं। उन्होंने उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि राजस्थान सरकार में अब फाइलें दौड़ती हैं, उद्यमी नहीं।
शिल्पग्राम और B2B नेटवर्किंग
आयोजन का एक मुख्य आकर्षण RUDA द्वारा स्थापित 'शिल्पग्राम' रहा, जहां राजस्थान के कारीगरों ने अपनी पारंपरिक कला और हस्तशिल्प का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने शिल्पग्राम का अवलोकन करते हुए इसे ग्रामीण आजीविका और स्वरोजगार की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया। प्रदर्शनी के दौरान देश-विदेश से आए आर्किटेक्ट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स और निर्यातकों के बीच गहन B2B बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं, जो भविष्य के निवेश के द्वार खोलेंगी।