इस मामले को लेकर सीएम अशोक गहलोत ने पहली बार मीडिया के सामने इस नियुक्ति को अपनी गलती स्वीकार किया।
सीएम गहलोत ने दुख जताते हुए कहा कि मेरे से एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो गई। जो व्यक्ति 22 साल से आर्मी में रहा हो उससे इस तरह के बयानों की उम्मीद नहीं की थी।
सीएम गहलोत ने शुक्रवार को कांग्रेस वॉर रूम से निकलने के बाद कहा कि हमारी सरकार ने आर्मी बैकग्राउंड देखकर कर्नल केसरी सिंह को आरपीएससी मेंबर बनाया था, लेकिन उनके पुराने बयान सुनकर मुझे बेहद दुख हुआ।
हमारा उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने का था, लेकिन आर्मी के एक व्यक्ति से इस तरह के बयानों की उम्मीद कतई नहीं की थी।
इसी के साथ सीएम ने ये भी कहा कि हमने प्रयास किया कि उन्हें वापस बुलाकर उनसे बातचीत की जाए लेकिन वह नहीं आए।
मकराना से टिकट मांगने आए थे केसरी सिंह
सीएम गहलोत ने कहा कि मैं केसरी सिंह से सिर्फ एक बार मिला हूं। वो मेरे पास मकराना से टिकट मांगने आए थे।
तब हमारी सरकार ने सोचा कि 2 महीने चुनाव में व्यस्त रहेंगे। ऐसे में अभ्यार्थियों को नुकसान नहीं होना चाहिए।
उन्होंने न तो कभी मुझसे आरपीएससी सदस्य बनने की मांग की थी और नहीं किसी ने उनके नाम की सिफारिश की थी।
आर्मी बैकग्राउंड को देखते हुए उनके नाम की सिफारिश राज्यपाल को कर दी थी।
उन्होंने ये भी कहा कि मुझे भी थोड़ा लालच आ गया था कि मैं अपनी मकराना की सीट क्यों खराब करूं। इसके लिए उनके नाम की सिफारिश कर दी थी, अब जो बयान सामने आ रहे हैं जिसे सुनकर मुझे बहुत दुख है।
गौरतलब है कि आरपीएससी मेंबर बनने के बाद केसरी सिंह ने अभी तक जॉइन नहीं किया है।