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राजनीति

रंधावा ने कहा पार्टी प्रभारी मैं हूं, कमलनाथ का लैटर कहा हैं, सचिन पायलट ने कर दी बड़ी रैली

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रंधावा ने सचिन पायलट के अनशन से उपजे विवाद को सुलझाने के लिए कमलनाथ के हस्तक्षेप से इनकार कर दिया है. राहुल गांधी के दखल के बाद और कर्नाटक चुनाव को देखते हुए पार्टी ने इस मामले को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है फैसला लेने में देरी पार्टी की पहली रणनीति है और वह विधायकों को चुनावी मोड में लाने की कोशिश कर रही है

HIGHLIGHTS

  1. 1 रंधावा ने सचिन पायलट के अनशन से उपजे विवाद को सुलझाने के लिए कमलनाथ के हस्तक्षेप से इनकार कर दिया है.
  2. 2 राहुल गांधी के दखल के बाद और कर्नाटक चुनाव को देखते हुए पार्टी ने इस मामले को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है
  3. 3 फैसला लेने में देरी पार्टी की पहली रणनीति है और वह विधायकों को चुनावी मोड में लाने की कोशिश कर रही है
  4. 4 यह राजनीतिक गाथा भविष्य में किस रूप में सामने आएगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा
congress in rajasthan focus on electoral aspects as sachin pilot case is put on hold
sachin pilot in Jhunjhunu district

Jaipur | राजस्थान कांग्रेस में सियासी ड्रामा खत्म होता नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सचिन पायलट के अनशन से उपजे विवाद को सुलझाने के लिए कमलनाथ के हस्तक्षेप से इनकार कर दिया है.

पत्रकारों से रंधावा ने यहां तक कह दिया कि  मैं ही कांग्रेस का प्रभारी हूं। कमलनाथ का कोई लैटर हो तो दिखाइए।

रंधावा ने दावा किया है कि वह इस मुद्दे को खुद सुलझा लेंगे और उन्हें विश्वास है कि पायलट मामले का उचित समाधान निकल आएगा। प्रभारी वर्तमान में कांग्रेस विधायकों के साथ वन-टू-वन फीडबैक मीटिंग के लिए जयपुर में हैं।

जहां वह उनके प्रभाव और भावों की जांच कर रहे हैं और उन्हें चुनावी मोड में लाने की कोशिश कर रहे हैं।

रंधावा ने 11 अप्रैल को सचिन पायलट के अनशन पर कड़ा रुख अख्तियार किया था और बयान जारी कर इसे पार्टी विरोधी गतिविधि करार दिया था.

हालांकि, राहुल गांधी के दखल के बाद और कर्नाटक चुनाव को देखते हुए पार्टी ने इस मामले को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है। निर्णय लेने में देरी करना पार्टी की पहली रणनीति है, और इस मुद्दे को आगे बढ़ाया जाएगा।

पायलट मामले ने अब बीच का रास्ता निकाल लिया है और पार्टी तत्काल कोई कदम नहीं उठाने जा रही है.

रंधावा ने मामले में तत्काल निर्णय नहीं लेने का स्पष्ट संकेत पहले दिया था और कहा था कि रिपोर्ट भी नहीं दी गई है. वरिष्ठ नेताओं से राय मशविरा करने के बाद ही पार्टी आगे बढ़ेगी।

रंधावा सीएम अशोक गहलोत और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समेत विधायकों से वन-टू-वन फीडबैक ले रहे हैं. हालांकि, सचिन पायलट इन फीडबैक मीटिंग्स में शामिल नहीं होंगे. आज के कार्यक्रम में टोंक जिले के विधायकों के साथ बैठक है।

लेकिन पायलट शाहपुरा और खेतड़ी के दौरे पर हैं. पायलट खेतड़ी में शहीद की प्रतिमा के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने एक बड़ी सभी को भी सम्बोधित किया। आज के कार्यक्रम पायलट के क्षेत्र के दौरे की शुरुआत हैं।

सचिन पायलट मामले को एक बार फिर ठंडे बस्ते में डालने के बाद कांग्रेस विधायकों को चुनावी मोड में लाने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस वॉर रूम में लगातार तीन दिनों तक कांग्रेसए निर्दलीय और समर्थक विधायकों से वन-टू-वन बातचीत जारी रहेगी।

पार्टी विधायकों के मनको टटोल रही है और उनके चुनावी पहलुओं का आकलन करने की कोशिश कर रही है।

राजस्थान कांग्रेस में राजनीतिक नाटक कभी न खत्म होने वाला प्रतीत होता है और पार्टी सचिन पायलट मामले में बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है।

फैसला लेने में देरी पार्टी की पहली रणनीति है और वह विधायकों को चुनावी मोड में लाने की कोशिश कर रही है।

यह राजनीतिक गाथा भविष्य में किस रूप में सामने आएगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

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