
तो क्या होगी पायलट पर कार्रवाही ?
दरअसल, राजस्थान में विधानसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है और कांग्रेस आलाकमान पंजाब की तहर यहां पर सत्ता खोना नहीं चाहते हैं।
ऐसे में सचिन पायलट के बगावती तेवरों को देखते हुए भी आलाकमान उन पर किसी भी तरह का एक्शन नहीं लेना चाहेंगे।
राजस्थान में सचिन पायलट गुर्जर समाज के बड़े राजनीतिक चेहरे माने जाते हैं। अगर पार्टी पायलट के खिलाफ इस समय कुछ भी एक्शन की तैयारी करती है तो चुनावों में परिणाम भी गंभीर हो सकते हैं।
दिल्ली में पायलट को लेकर करीब सात बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन उन पर अब तक कोई फैंसला नहीं लिया जा सका है।
कार्रवाई नहीं तो मिल सकता है तोहफा....
वहीं दूसरी ओर, राजस्थान सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार और प्रदेश अध्यक्ष के बदलने की चर्चाओं ने भी सियासी गलियारे को गरमाया हुआ है।
ऐसे में ये भी कहा जा रहा है कि सचिन पायलट को शांत रखने के लिए कांग्रेस आलाकमान प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंप सकते हैं।
बता दें कि, पायलट खुद कई बार कह चुके हैं कि वह पदों के पीछे नहीं भागते हैं और वह भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर करके रहेंगे।
सीएम गहलोत ने भी कह दिया कि....
इसी के साथ सीएम अशोक गहलोत ने भी मीडिया से कह दिया है कि आप हमें आपस में लड़ाइए मत, क्योंकि हमारी सरकार रिपीट होने वाली है।