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राजनीति

सांचौर से टिकट कटते ही एक हुए दानाराम-जीवाराम, बोले- दोनों भाई मिलकर लड़ेंगे

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सांचौर विधानसभा क्षेत्र से दानाराम चौधरी और जीवाराम चौधरी दोनों ही अपनी दावेदारी ठोकी थी, लेकिन पार्टी ने दोनों को ही नजरअंदाज करते हुए सांसद देवजी पटेल को मैदान में उतारा है। 

HIGHLIGHTS

  1. 1 सांचौर विधानसभा क्षेत्र से दानाराम चौधरी और जीवाराम चौधरी दोनों ही अपनी दावेदारी ठोकी थी, लेकिन पार्टी ने दोनों को ही नजरअंदाज करते हुए सांसद देवजी पटेल को मैदान में उतारा है। 
danaram choudhary and jivaram choudhary said both brothers will fight together from sanchore

सांचौर | विधानसभा चुनाव को लेकर सांचौर में राजनीति बेहद गंभीर तरीके से गरमा गई है। यहां भाजपा नेता टिकट नहीं मिलने से बगावती तेवर दिखाते दिख रहे हैं। 

सांचौर से भाजपा के दावेदार रहे दानाराम चौधरी और जीवाराम चौधरी सांसद देवजी पटेल को विधायक का टिकट मिलने से नाराज दिखाई दे रहे हैं। 

दोनों नेताओं को ही यहां से भारी जनसमर्थन प्राप्त है। ऐसे में दोनों का ही टिकट कटने से उनके समर्थकों में भी भारी नाराजगी छाई हुई है। 

सांचौर विधानसभा क्षेत्र से दानाराम चौधरी और जीवाराम चौधरी दोनों ही अपनी दावेदारी ठोकी थी, लेकिन पार्टी ने दोनों को ही नजरअंदाज करते हुए सांसद देवजी पटेल को मैदान में उतारा है। 

अब टिकट नहीं मिलने के बाद दोनों नेता शुक्रवार को एकजुट होकर सड़क पर शक्ति प्रदर्शन करते दिखाई दिए हैं। 

इस दौरान दोनों नेताओं के समर्थकों ने भी उनका जमकर स्वागत किया। 

बिगाड़ सकते हैं सांचौर सीट का समीकरण 

सांचौर से टिकट के लिए दावेदारी जताने वाले दानाराम और जीवाराम ने जनता से कहा कि हम दोनों भाई है और साथ जिएंगे और साथ मरेंगे। साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।

दानाराम और जीवाराम दोनों के पास बहुत बड़ा वोट बैंक है। अब दोनों को ही टिकट नहीं मिलने से भाजपा को खतरा पैदा हो गया है कि कहीं ये दोनों मिलकर चुनावी समीकरण को न बिगाड़ दे।

दानाराम बोले- मैं यह धोखा सहन नहीं कर पाऊंगा, टिकट पर फिर से विचार किया जाए

सांचौर से भाजपा के दावेदार रहे दानाराम ने टिकट नहीं मिलने के बाद कहा कि पार्टी टिकट दे या नहीं दे, लेकिन में हमेशा आपके साथ रहूंगा। 

भले ही दानाराम ने साथ रहने की बात कही है लेकिन उन्होंने ये भी कह दिया है कि टिकट को लेकर पार्टी विचार करें। 

उन्होंने कहा कि मैंने पांच साल तक हर काम किया, बहुत पैसे खर्च हुए।  

पूरे पांच साल आपके बीच रहा और अपने परिवार को दस दिन का समय तक नहीं दे पाया, फिर भी मेरे साथ धोखा हुआ। मैं यह धोखा सहन नहीं कर पाऊंगा।

जीवाराम बोले- 35 साल तक जन सेवा की, पार्टी को करनी होगी कद्र

वहीं सांचौर से टिकट के दूसरे दावेदार जीवाराम चौधरी भी सांसद देवजी पटेल को टिकट दिए जाने से नाराज है। 

उन्होंने कहा कि मैंने 35 साल तक जनता की सेवा की है। हम 30 अक्टूबर तक अपनी भावना प्रकट कर पार्टी से टिकट बदलने की मांग करेंगे और पार्टी को जन भावना की कद्र करनी पड़ेगी। 

आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने 41 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी जिसमें सांसद देवजी एम पटेल को सांचौर से विधानसभा टिकट दिया गया है। 

ऐसे में जीवाराम और दानाराम को टिकट नहीं मिलने से उनके समर्थकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। दोनों ही नेता जयपुर में पार्टी नेतृत्व को सांचौर की स्थिति से अवगत करवा कर शुक्रवार को वापस अपने क्षेत्र लौटे हैं। जिसके बाद उनके समर्थकों ने उनका जमकर स्वागत किया। 

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