सिरोही। न्यायालय के आदेश पर जिला कलेक्टर की आधिकारिक गाड़ी को कुर्क करना एक ऐतिहासिक घटना बनी है। मंगलवार को इस कार्रवाई की सूचना मिलते ही कलेक्टर कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। यह नजारा अधिकारियों और आम जनता के बीच न्याय और जवाबदेही की एक नई परिभाषा पेश कर रहा था।

मामला क्या है?
यह मामला मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकाल में शुरू हुआ, जब मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत सिरोही और पिंडवाड़ा में फ्लैट्स का निर्माण किया गया। इन फ्लैट्स को लॉटरी के माध्यम से आवंटित किया गया था, जिसमें आवेदकों से पहले धनराशि जमा कराई गई थी। हालांकि, कई वर्षों के बाद भी आवंटियों को इन फ्लैटों का कब्जा नहीं दिया गया।
आवंटियों में से एक सोनू कंवर ने अपनी राशि लौटाने के लिए सिरोही की स्थायी लोक अदालत में परिवाद दायर किया, जिसमें नगर परिषद पिंडवाड़ा और जिला कलेक्टर को भी नामित किया गया। न्यायालय ने 26 जनवरी 2024 को सोनू कंवर के पक्ष में एक आदेश जारी किया, जिसमें उन्हें 4,60,908 रुपये का अवार्ड दिया गया।