उन्होंने कहा कि राजस्थान में पिछले एक महीने में तीन ऐसी जघन्य घटनाएं हुई है जिसने प्रदेश की महिलाओं में भय पैदा कर दिया है।
प्रदेश में महिला अस्पताल, पुलिस स्टेशन, बस स्टैंड, मुख्य चौराहाओं व सार्वजनिक स्थानों कहीं पर भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं।
गर्व की नहीं बल्कि शर्म की बात है
प्रदेश आज बलात्कार, अपहरण और भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुका है। हर दिन 17 बलात्कार और 5 हत्याएं डराने वाला आंकडा है।
कांग्रेस सरकार के राज में 11 लाख से अधिक अपराध के मामले दर्ज हो चुके हैं।
अगर एनसीआरबी के आंकड़ों पर नजर डाले तो राजस्थान महिला अपराध में देश में नंबर वन है। यह कोई गर्व की नहीं बल्कि शर्म की बात है।
हमारे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आंखों पर पट्टी बांधे पूरे 5 साल सरकार बचाने में लग रहे और महिलाओं की आबरू लुटती रही।
पद्मावती, पन्नाधाय और हाड़ी रानी के लिए जाना जाता है राजस्थान
दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान में महिला अपराध की पराकाष्ठा हो चुकी है। शायद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भूल गए हैं कि राजस्थान रानी पद्मावती, पन्नाधाय और हाड़ी रानी जैसी वीर नारियों के इतिहास के लिए जाना जाता है।
राजस्थान की महिलाएं अपना शौर्य किसी भी क्षेत्र में दिखाने से नहीं चूकती। अब राजस्थान में महिलाओं ने परिवर्तन का संकल्प ले लिया है।
राजस्थान के 2023 के विधानसभा चुनाव में इस महिला विरोधी गहलोत सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाकर महिलाएं एक भयमुक्त वातावरण के लिए भारतीय जनता पार्टी का चुनाव करेंगी।
प्रदेश में भाजपा की सुशासन और महिलाओं को सुरक्षा देने वाली सरकार होगी।
उन्होंने आगे कहा कि मैंने देखा है कि पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी बढ़ चढकर इस संकल्प यात्रा में भाग लिया है।
राजस्थान के गांव-गांव और ढ़ाणी-ढ़ाणी से महिलाओं समेत सभी वर्गों का अपार जन समर्थन मिल रहा है। यह जन समर्थन देखकर राजस्थान में एक विश्वास का माहौल बना है।
राजस्थान के पांच जिले डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, उदयपुर और चित्तौड़ जिले में यह यात्रा निकाली जा चुकी है।