कालंद्री में भव्य स्वागत और महत्वपूर्ण मुलाकातें

कालंद्री पहुंचते ही स्वामी विवेकानंद चौराहे पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उत्साहित भीड़ ने जोशीले नारे लगाए और फूलों की मालाओं से डॉ. तोगड़िया का भव्य स्वागत किया। यह दृश्य उनकी लोकप्रियता और सनातन धर्म के प्रति लोगों की आस्था को दर्शाता था।
इसके बाद, डॉ. तोगड़िया ने विश्व हिंदू परिषद के पूर्व सिरोही जिला अध्यक्ष मोडाराम रावल के आवास पर उनके परिवार से शिष्टाचार भेंट की। रावल के निवास पर उन्होंने अयोध्या रामजन्म भूमि के संघर्ष को याद किया और कालंद्री के कार सेवकों को शत-शत नमन किया।
तत्पश्चात, उन्होंने कस्बे के ब्रह्मा मंदिर में दर्शन किए और डंडी स्वामी देवानंद सरस्वती से आध्यात्मिक चर्चा की। इस चर्चा में धर्म, समाज और आध्यात्मिकता के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श हुआ।
हिंदू संगठन पर जोर और हनुमान चालीसा का आह्वान
ब्रह्मधाम सभा भवन में डॉ. तोगड़िया ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने हिंदुओं को कैसे संगठित किया जाए, इस पर गंभीरता से विचार रखे। उन्होंने फिर दोहराया कि संगठित होने के लिए समूह में हनुमान चालीसा का नित्य पाठ करना अत्यंत आवश्यक है। उनके इस आह्वान को कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक स्वीकार किया।
इस अवसर पर डंडी स्वामी ने भी अपने मुख से साधु वचन कहे, जिससे सभा में एक सकारात्मक और आध्यात्मिक माहौल बन गया। उन्होंने भी डॉ. तोगड़िया के विचारों का समर्थन किया।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति और समर्थन
इस महत्वपूर्ण अवसर पर संत राजेश्वर नाथ, अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल के पदाधिकारी भंवर चौधरी, इंद्रजीत सिंह राजगुरु, राकेश राजगुरु, कुलदीप प्रजापत उपस्थित थे। कालंद्री से शिवसेना के पूर्व सिरोही तहसील प्रमुख रामलाल माली ने मेहमानों के सम्मान की उचित व्यवस्था प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में कालंद्री व्यापार मंडल अध्यक्ष कमलेश पुरोहित, आचार्य भरत राजपुरोहित, विक्रम रावल, पंचायत उपसरपंच प्रवीण माली, ललित लोहार, सुरेश जुगनू, माधु सिंह, ब्रह्मधाम के पूर्व ट्रस्ट अध्यक्ष कन्हैया लाल पुरोहित, ट्रस्टी चेलाराम पुरोहित समेत लक्ष्मण पोदरवाल, भंवर घांची, प्रमोद श्रीमाली तथा ब्रह्मधाम के मुनीम व अन्य ट्रस्टीगण भी उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. तोगड़िया के विचारों का समर्थन किया।