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राजनीति

भाजपा बता रही गहलोत और कमलनाथ को दोषी 

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ERCP को चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल करने और बांरा से शुरू की जा रही जन जागरण यात्रा पर निशाना साधते हुए राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड (Rajendra Rathore) ने कहा है कि इस योजना को अटकाने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ दोषी है। 

HIGHLIGHTS

  1. 1 ERCP को चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल करने और बांरा से शुरू की जा रही जन जागरण यात्रा पर निशाना साधते हुए राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड (Rajendra Rathore) ने कहा है कि इस योजना को अटकाने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ दोषी है। 
ercp became election weapon of congress  bjp said ashok gehlot and kamal nath guilty

जयपुर | ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट राजस्थान में चुनावी जंग का मुद्दा बनता जा रहा है। 

जहां एक और प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) इस मुद्दे को बार-बार उठाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर निशाना साध रहे हैं वहीं दूसरी ओर, भाजपा अपना बचाव करते हुए कांग्रेस नेताओं को ही इसके लिए दोषी ठहरा रही है। 

राज्य में कांग्रेस सरकार की ओर से ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ERCP) को चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल करने और बांरा से शुरू की जा रही जन जागरण यात्रा पर निशाना साधते हुए राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड (Rajendra Rathore) ने कहा है कि इस योजना को अटकाने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ दोषी है। 

राज्य सरकार इस परियोजना को वर्ष 2051 में पूरा करने का दावा कर रही है और इसके विधानसभा में 37 हजार करोड रूपए खर्च करने की घोषणा कर चुकी है लेकिन इसके बाद अब तक इस योजना के नाम पर कोई काम नहीं हुआ है। 

राजस्थान के सीएम मुख्यमंत्री नहीं बल्कि घोषणा मंत्री हैं। ईआरसीपी के लिए सीएम ने ईआरसीपी कॉरपोरेशन बनाकर 13 हजार करोड़ देने की बात कही लेकिन अब तक एक पैसा भी खर्च नहीं किया। 

वहीं राठौड ने कहा कि कमलनाथ ने ही सबसे पहले राजस्थान को एनओसी देने पर एतराज जताया था इसके बाद गहलोत ने राज्य के खर्च पर प्रोजेक्ट को शुरू करने की घोषणा की ओर अब तक सिवाय घोषणाओं के कुछ नहीं हुआ। 

राठौड ने सोमवार को भाजपा मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है और पिछले छह माह में यहां सिर्फ 25 फीसदी मामलों को जांच के बाद अदालत तक ले जाया गया है। 

उन्होंने कहा कि जब सीएम इस योजना पर काम कर रहे हैं तो किस बात के लिए यह जनजागरण यात्रा निकाली जा रही है। 
उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में राजस्थान आर्थिक आपातकाल की स्थिति में पहुंच गया है। इसके कारण अब प्रदेश में कर्ज बढकर 5 लाख 37 हजार 13 करोड का हो गया है और गहलोत सरकार अक्टूबर से दिसम्बर की तिमाही के लिए 14 हजार करोड रूपए का कर्ज ले रही है। 

25 फीसदी मामलों में ही चालान पेश

इस दौरान राठौड़ ने राज्य सरकार को कानून व्यवस्था को लेकर घेरा और कहा कि पिछले छह माह में प्रदेश में 1.25 लाख मुकदमे दर्ज हुए थे जिसमें से मात्र 33 हजार मामलों में ही चालान पेश किए गए हैं। 

ऐसे में प्रदेश में सिर्फ 25 फीसदी मामलों को जांच के बाद अदालत तक ले जाया गया है। वहीं प्रदेश में इन दिनों प्रतिदिन 17 महिलाओं से रेप की वारदात हो रही है और राज्य के कई जिलो में बेटियों की वस्तुओं की तरह नीलामी की जा रही है। 

योजनाओं के नाम पर दिया धोखा

राठौड़ ने राज्य सरकार पर योजनाओं के नाम पर आमजन को धोखा दिए जाने का आरोप भी लगाया। 

उन्होंने कहा कि सरकार ने राजस्थान स्टेट पावर फाइनेंस एंड फाइनेंसियल सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड में आवासन मंडल से एक हजार करोड रूपए, रीको से एक हजार करोड तथा आरटीडीसी से भी 1500 करोड रूपए लेकर राजनीतिक स्वार्थाे की पूर्ति की जा रही है और सीएम ने अपनी छवि चमकाने के लिए आमजन के 2 हजार करोड रूपए डिजाइन बॉक्स को बांट दिए। 

कांग्रेस पार्टी में ज्यादा अंतर्विरोध

प्रेसवार्ता केे दौरान एक सवाल के जवाब में राठौड़ ने कहा कि भाजपा में टिकट वितरण के बाद बने हालात परिवार का आपस का मामला है और अधिकांश स्थानों पर इसे सुलझा लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी में ज्यादा अंतर्विरोध और गुटबाजी है। 

इसके कारण सितम्बर में पहली लिस्ट जारी करने का दावा करने वाली कांग्रेस पार्टी अब तक अपने प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं कर पाई है। 

उन्होंने सीएम के ईडी के छापों पर दिए बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि योजना भवन मामले में 16 किलो सोना पकडा जाना और गोपाल केसवात की गिरफतारी कांग्रेस नेताओं के भ्रष्ट होने का सीधा प्रमाण है। 

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