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फर्जी लोनकर्मी बन 12.50 लाख ऐंठने वाला जोधपुर से गिरफ्तार

गणपत सिंह मांडोली गणपत सिंह मांडोली 47

जोधपुर (Jodhpur) में चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने फर्जी लोन कंपनी का कर्मचारी बनकर ललित पारवानी (Lalit Parwani) से 12.50 लाख रुपये और एक आईफोन ऐंठने वाले रौनक वीरवानी (Rounak Veerwani) को गिरफ्तार किया है।

HIGHLIGHTS

  1. 1 आरोपी ने फर्जी लोन कंपनी का कर्मचारी बनकर ब्लैकमेल किया। पीड़ित से 12.50 लाख रुपये और एक आईफोन ऐंठा गया। धमकी देकर अश्लील फोटो वायरल करने का डर दिखाया गया। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने आरोपी रौनक वीरवानी को गिरफ्तार किया।
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लोन कंपनी कर्मचारी बनकर ब्लैकमेलिंग, एक गिरफ्तार

जोधपुर: जोधपुर में चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने फर्जी लोन कंपनी का कर्मचारी बनकर ललित पारवानी से 12.50 लाख रुपये और एक आईफोन ऐंठने वाले रौनक वीरवानी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी एक गंभीर ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी के मामले में की गई है।

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा है। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

क्या है पूरा मामला?

9 दिसंबर 2025 को ललित पारवानी ने चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 2 सितंबर 2025 को मोबाइल पर एक लोन संबंधी विज्ञापन पर क्लिक किया था।

इस क्लिक के बाद 'नीम क्रेडिट' नाम का एक मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड हो गया। ऐप के माध्यम से उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, सेल्फी फोटो और पारिवारिक सदस्यों के मोबाइल नंबर सहित अन्य निजी जानकारियां ली गईं।

विश्वास जीतकर शुरू की ब्लैकमेलिंग

जानकारी लेने के बाद आरोपी ने खुद को लोन कंपनी का कर्मचारी बताया। उसने वॉट्सऐप के जरिए ललित पारवानी से संपर्क किया।

कम क्रेडिट स्कोर का हवाला देकर पहले छोटी राशि का ऋण दिलवाया गया। समय पर भुगतान करवाकर आरोपी ने पीड़ित का विश्वास जीत लिया।

धमकी देकर ऐंठे पैसे

27 अक्टूबर 2025 से अभियुक्त और उसके सहयोगियों ने अलग-अलग वॉट्सऐप नंबरों से ललित को लगातार परेशान करना शुरू किया। उन्हें गाली-गलौच, जान से मारने की धमकी और उनकी पत्नी के अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी दी जाने लगी।

अभियुक्तों के पास पीड़ित और उसके परिवार की निजी जानकारी होने के कारण वह भय और मानसिक दबाव में आ गया।

डर और बदनामी के भय से दिए पैसे

समाज में बदनामी और परिवार की प्रतिष्ठा के डर से ललित पारवानी ने ब्लैकमेलर्स द्वारा बताए गए क्यूआर कोड और नकद माध्यम से पैसे दिए। उन्होंने अलग-अलग तिथियों में करीब 12.50 लाख रुपये अदा किए।

इसके बावजूद ब्लैकमेलिंग जारी रही और अतिरिक्त पैसों की मांग की जाती रही। आरोपी ने एक आईफोन मोबाइल फोन भी पीड़ित से हड़प लिया।

आरोपी रौनक वीरवानी गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाधिकारी ईश्वरचन्द्र पारीक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई की।

पुलिस ने आरोपी रौनक वीरवानी (31) पुत्र रवि वीरवानी निवासी अरिहंत नगर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से पूछताछ जारी है और इस ब्लैकमेलिंग गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

टैग: Crime Jodhpur Fraud Arrest
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