अखिल भारतीय कांग्रेस क्या सचमुच मे पार्टी के अंदरूनी द्वंद से उबर गयी है ? क्या कांग्रेस ने चुनावी वेला मे अंदरूनी विवाद भुलाकर आगे बढने का फ़ैसला कर लिया है ? इन्हीं सवालों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या कांग्रेस सचिन पायलट प्रकरण का पटाक्षेप कर राजस्थान में सभी विवादों पर राख डालने में कामयाब हो गयी है ?
यदि हाँ तो जिस मुद्दे पर सचिन पायलट ने अजमेर से जयपुर तक पैदल मार्च किया ,उसका क्या होगा ? सचिन पायलट ने जो तीन मांगे कांग्रेस के सामने रखी उनका क्या होगा ?
बहुप्रतीक्षित मीटिंग के दौरान सचिन पायलट के हाव -भाव ,CM अशोक गहलोत खेमे की तिकड़ी को बैठक से दूर रखने और पायलट खेमे से मिली जानकारी पर गौर करें तो लगता है पायलट की मांगों पर अमल होने वाला है।
यानि कथित भृष्टाचार के मुद्दे पर गहलोत सरकार पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार के फैसलों की जांच करेगी। राज्य लोक सेवा आयोग [RPSC ] की चयन प्रक्रिया को बेहतर बनाया जाएगा।
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