इस विलय के बाद एचडीएफसी बैंक 100 प्रतिशत पब्लिक शेयरधारकों का हो जाएगा।
एचडीएफसी लिमिटेड के मौजूदा शेयरधारकों को बैंक की 41 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी।
एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने मंगलवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इसके लिए एचडीएफसी लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक के बोर्ड की बैठक 30 जून को आयोजित होगी।
वहीं, HDFC के वाइस-चेयरमैन और सीईओ केकी मिस्त्री ने कहा है कि अब कंपनी के शेयरों में कारोबार 13 जुलाई को बंद कर दिया जाएगा।
एचडीएफसी लिमिटेड का एचडीएफसी बैंक में विलय को साधारण बात नहीं होगी। ये देश के कॉर्पाेरेट (Corporate) इतिहास में सबसे बड़ा वित्तीय लेन देन होगा।
बताया जा रहा है कि इस डील की वैल्यू करीब 40 अरब डॉलर होगी। इस मर्जर के बाद नई संस्था के पास करीब 18 लाख करोड़ की संपत्ति हो जाएगी।
विलय का ग्राहकों पर क्या असर होगा ?
अब ये भी बताते चलते है कि, इस महा-विलय का ग्राहकों पर क्या असर होगा।
- इस विलय से ग्राहकों को काफी फायदा होने वाला है, क्योंकि इस विलय के बाद बैंक की वैल्यू पहले के मुकाबले और भी ज्यादा बढ़ जाएगी।
- लोगों को लोन मिलना और भी आसान हो जाएगा, क्योंकि बैंक पहले के मुकाबले अधिक जोखिम वाले लोन दे सकेगा।
- ग्राहकों को विलय के बाद एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक की सेवाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग ब्रांचों में नहीं जाना पड़ेगा।