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राज्य

हीमोफीलिया मरीज को 9 माह में लगे 5.07 करोड़ के 1074 इंजेक्शन

प्रदीप बीदावत प्रदीप बीदावत 60

जयपुर (Jaipur) के एसएमएस अस्पताल (SMS Hospital) में हीमोफीलिया (Hemophilia) के एक मरीज हरप्रसाद शर्मा (Harprasad Sharma) को नौ महीने में 5.07 करोड़ रुपए के 1074 इंजेक्शन लगाए गए। यह आरजीएचएस (RGHS) योजना के तहत हुआ, जिस पर कई सवाल उठ रहे हैं।

HIGHLIGHTS

  1. 1 हीमोफीलिया मरीज हरप्रसाद शर्मा को 9 माह में 5.07 करोड़ के 1074 इंजेक्शन लगे। एक दिन में 36 से 72 इंजेक्शन लगने की बात सामने आई, जिस पर विशेषज्ञ भी हैरान। आरजीएचएस योजना के तहत एसएमएस अस्पताल में हुआ इलाज, उठे सवाल। केवल एसएमएस अस्पताल को ही इन महंगे इंजेक्शनों की अनुमति है।
hemophilia patient received 1074 injections worth 5 crore in 9 months
हीमोफीलिया: 9 माह में 5 करोड़ के 1074 इंजेक्शन

जयपुर: जयपुर के एसएमएस अस्पताल में हीमोफीलिया के एक मरीज हरप्रसाद शर्मा को नौ महीने में 5.07 करोड़ रुपए के 1074 इंजेक्शन लगाए गए। यह आरजीएचएस योजना के तहत हुआ, जिस पर कई सवाल उठ रहे हैं।

नौ माह में लगे करोड़ों के इंजेक्शन

भरतपुर के खेड़ी निवासी हरप्रसाद शर्मा को पिछले नौ महीने में हीमोफीलिया के लगभग पांच करोड़ रुपए के इंजेक्शन लगाए गए हैं। मरीज का कहना है कि उसे बड़ी संख्या में इंजेक्शन लगते रहे हैं, हालांकि वह सटीक संख्या नहीं बता सकता।

कागजात के अनुसार, हरप्रसाद 10 अप्रैल को एसएमएस अस्पताल में दिखाने आए थे। उन्हें हीमोफीलिया होने की जानकारी दी गई और भर्ती करने के बाद 72 इंजेक्शन लगाए गए।

अप्रैल माह में उन्हें सात बार हीमोफीलिया के फैक्टर-7 का 1 एमजी इंजेक्शन लगाया गया। इस एक इंजेक्शन की कीमत 41,275 रुपए है।

अप्रैल से अब तक हरप्रसाद को ऐसे 952 इंजेक्शन लगाने का रिकॉर्ड है। इन इंजेक्शनों की कुल कीमत 4 करोड़ 12 लाख 8990 रुपए बनती है।

इसके अतिरिक्त, उन्हें 110 अन्य इंजेक्शन भी लगाए गए, जिनकी लागत 95 लाख रुपए थी। इन आंकड़ों के सामने आने पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

95 लाख के 110 अलग इंजेक्शन भी लगाए गए

हरप्रसाद को अप्रैल से सितंबर के बीच हीमोफीलिया फैक्टर-7 के 2 एमजी के कुल 110 इंजेक्शन भी लगाए गए। इन इंजेक्शनों में से प्रत्येक की कीमत 80 हजार रुपए है।

इस प्रकार, 95 लाख 34 हजार 641 रुपए के ये इंजेक्शन भी मरीज को दिए गए।

केवल एसएमएस अस्पताल को अनुमति

एसएमएस अस्पताल में अप्रैल में हरप्रसाद की 290824220385837 एचआईडी जनरेट की गई थी। इसी एचआईडी का उपयोग बार-बार एडमिशन दिखाकर इंजेक्शन लगाने के लिए किया गया।

महत्वपूर्ण बात यह है कि ये विशेष इंजेक्शन निजी अस्पतालों के लिए अनुमोदित नहीं हैं। आरजीएचएस योजना के तहत केवल एसएमएस अस्पताल को ही इन्हें लगाने की अनुमति है।

विशेषज्ञ भी हैरान

एक दिन में 36 से 72 इंजेक्शन लगाना अपने आप में चौंकाने वाला है। एसएमएस अस्पताल के हेमेटोलॉजिस्ट डॉ. विष्णु शर्मा ने इस पर हैरानी जताई।

डॉ. शर्मा के अनुसार, हरप्रसाद की सर्जरी हुई थी और उन्हें हीमोफीलिया फैक्टर लगे थे। उन्होंने कहा कि 35 से 40 इंजेक्शन तो लग सकते हैं, लेकिन एक ही दिन में 72-72 इंजेक्शन लगना आश्चर्यजनक है।

डॉक्टर ने यह भी बताया कि फैक्टर इंजेक्शन मरीज के वजन के हिसाब से लगाए जाते हैं। हरप्रसाद का वजन इतना नहीं लगता कि उन्हें इतने अधिक इंजेक्शन की आवश्यकता पड़े।

दैनिक मरीजों की संख्या

एसएमएस अस्पताल में अप्रैल से दिसंबर तक हीमोफीलिया फैक्टर-8 के 1 एमजी के कुल 2102 इंजेक्शन लगाए गए हैं। इनमें से 912 इंजेक्शन अकेले हरप्रसाद को दिए गए।

अस्पताल में प्रतिदिन 20 से 25 हीमोफीलिया के मरीज आते हैं, जिनमें से अधिकांश को इंजेक्शन की आवश्यकता होती है।

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