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जालोर

पत्रकार पर हमले को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन

गणपत सिंह मांडोली गणपत सिंह मांडोली 34

हमले के दौरान पत्रकार से न केवल मारपीट की गई, बल्कि उनकी सोने की चैन, ₹2500 नकद और मोबाइल फोन भी लूट लिया गया। यह पूरी घटना मौके पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने व

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माउंट आबू, 9 जुलाई 2025 सिरोही जिले के माउंट आबू में पत्रकार पर हुए हमले के खिलाफ आज इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) राजस्थान ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा को एक ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। यह ज्ञापन उपखंड अधिकारी, माउंट आबू के माध्यम से प्रेषित किया गया।

ज्ञापन में बताया गया कि 1 जुलाई 2025 को राजस्थान पत्रिका के संवाददाता हरिपाल सिंह उखरड़ा पर नगरपालिका कार्यालय में जानलेवा हमला किया गया। संवाददाता नगरपालिका अधिकारी का पक्ष जानने के लिए कार्यालय पहुंचे थे, जहां निलंबित सफाई निरीक्षक श्याम जणवा, सफाई निरीक्षक प्रवीण राजपुरोहित और सफाईकर्मी विक्रम चौहान ने मिलकर उन पर बेरहमी से लात-घूंसों से हमला किया।

हमले के दौरान पत्रकार से न केवल मारपीट की गई, बल्कि उनकी सोने की चैन, ₹2500 नकद और मोबाइल फोन भी लूट लिया गया। यह पूरी घटना मौके पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने वीडियो में कैद कर ली, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल है और पूरे पत्रकार समुदाय में आक्रोश का कारण बन गई है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि पीड़ित पत्रकार ने पूर्व में इन कर्मचारियों की कार्यशैली में लापरवाही और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को लेकर समाचार प्रकाशित किए थे, जिसके बाद इन सभी को निलंबित किया गया था। ऐसे में यह हमला पूर्व नियोजित प्रतिशोधात्मक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है।

IFWJ राजस्थान ने मुख्यमंत्री से की तीन प्रमुख मांगें:

  1. तीनों आरोपी कर्मचारियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए।

    बिना अनुमति माउंट आबू पहुंचकर घटना को अंजाम देने वाले इन कर्मचारियों को सरकारी सेवा से बर्खास्त किया जाए।

    प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए Zero Tolerance Policy अपनाई जाए।

IFWJ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन, विरोध प्रदर्शन और विधानसभा घेराव जैसे कार्यक्रम शुरू करेगा। इसके लिए समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

इस घटना ने एक बार फिर पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकार संगठन अब सरकार से ठोस कदम उठाने की अपेक्षा कर रहे हैं।

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