जयपुर | किशनगढ़ के एक रेस्तरां में गुंडों की तरह मारपीट करने के बाद एक आईएएस गिरधर और आईपीएस सुशील बिश्नोई हालांकि निलम्बित कर दिए गए हैं। परन्तु इनकी करतूतों ने न केवल पुलिस बेड़े को शर्मसार किया है बल्कि यूपीएससी की चयन प्रक्रिया, प्रशासनिक अकादमियों के प्रशिक्षण कौशल और सरकारी कार्मिकों की निष्ठाओं को सवालों के घेरे में ला दिया है।
आपको जानकर हैरत होगी कि इनमें से सुशील बिश्नोई पर तो अपनी ही मंगेतर से दुष्कर्म और फिर सगाई तोड़ देने का भी आरोप लग चुका है। आरोप यह भी लगा कि सगाई के लिए आठ लाख रुपए और चालीस ग्राम सोना भी लिया गया।
सुशील पर बिहार की एक अन्य युवती ने भी दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज करवाया था। ऐसे में चिंता जगती है कि नव चयनित होकर आए ऐसे आईपीएस या आईएएस क्या न्याय दिलाएंगे। इस अफसर की 2022 में जोधपुर के एक व्यवसायी की पुत्री से शादी हो चुकी है।
बीकानेर के रहने वाले आईपीएस अधिकारी सुशील कुमार को गंगापुर सिटी नए जिले में विशेषाधिकारी तैनात किया गया था। इससे पहले वे अजमेर में ही तैनात थे। वहीं नागौर के रहने वाले गिरधर अजमेर विकास प्राधिकरण के आयुक्त थे।