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पेंशन विभाग में एसीबी की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक, 10 हजार की रिश्वत लेते एएओ रंगे हाथों गिरफ्तार

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जयपुर में एसीबी ने पेंशन विभाग के सहायक लेखाधिकारी को 10 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा। आरोपी विधवा की पेंशन के बदले कमीशन मांग रहा था।

HIGHLIGHTS

  1. 1 लालकोठी स्थित पेंशन विभाग में एसीबी की कार्रवाई, एएओ राजेश कुमार खण्डेलवाल 10,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार, विधवा की पेंशन और एरियर के बदले मांगा था 10 प्रतिशत कमीशन, एसीबी जयपुर रेंज के डीआईजी के निर्देशन में हुई कार्रवाई।
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जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी 'सर्जिकल स्ट्राइक' करते हुए लालकोठी स्थित पेंशन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ किया है। एसीबी की टीम ने विभाग के सहायक लेखाधिकारी (AAO-II) राजेश कुमार खण्डेलवाल को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी एक मृत कर्मचारी की विधवा को उसकी जायज पेंशन दिलवाने और बकाया एरियर पास करने के बदले नकद राशि और कमीशन की मांग कर रहा था।

पीड़ित परिवार की बेबसी का उठाया फायदा

एसीबी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, एक परिवादी ने ब्यूरो की जयपुर इकाई में भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि उसके पिता की मृत्यु के बाद उसकी माता नियमानुसार पूर्ण पेंशन की हकदार थी, लेकिन विभाग के चक्कर काटने के बावजूद उन्हें पूरी पेंशन नहीं दी जा रही थी। जब परिवादी ने इस संबंध में पेंशन विभाग में तैनात एएओ राजेश कुमार खण्डेलवाल से मुलाकात की, तो आरोपी ने नियमानुसार काम करने के बजाय सौदेबाजी शुरू कर दी।

10 हजार नकद और 10 प्रतिशत कमीशन की मांग

आरोपी राजेश कुमार खण्डेलवाल ने पीड़ित परिवार की मजबूरी का फायदा उठाते हुए एक बड़ी मांग रखी। उसने परिवादी की माता की पूर्ण पेंशन शुरू करने और पिछले एरियर की राशि बनवाने के बदले में 10,000 रुपये नकद मांगे। इतना ही नहीं, आरोपी ने यह भी शर्त रखी कि जो भी एरियर राशि (Arrears) विभाग द्वारा पास की जाएगी, उसका 10 प्रतिशत हिस्सा उसे रिश्वत के रूप में अलग से देना होगा। एक परिवार जो पहले ही अपने मुखिया को खो चुका था, उसके हक के पैसे के लिए इस तरह की मांग ने सरकारी सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया।

एसीबी का जाल और रंगे हाथ गिरफ्तारी

शिकायत मिलने के बाद एसीबी जयपुर रेंज के डीआईजी आनंद शर्मा के सुपरवीजन में शिकायत का गोपनीय सत्यापन करवाया गया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई, जिसके बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। 9 फरवरी 2026 को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञानप्रकाश नवल के नेतृत्व में एसीबी टीम ने लालकोठी स्थित कार्यालय में जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी राजेश कुमार खण्डेलवाल ने परिवादी से रिश्वत के 10,000 रुपये नकद स्वीकार किए, पहले से तैयार टीम ने उसे दबोच लिया। टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की राशि मौके पर ही बरामद कर ली है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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