डीसीपी ट्रैफिक सुमित मेहरड़ा ने बताया कि तेज रफ्तार में वाहन चलाकर दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। आईटीएमएस कैमरों की सहायता से कुल 11 एफआईआर दर्ज की गईं।
ये एफआईआर बीएनएस-2023 की धारा-125, 284 और मोटर वाहन अधिनियम की धारा-183 व 184 के तहत दर्ज की गई हैं। लापरवाही से वाहन चलाने और मानव जीवन को संकट में डालने पर दो अलग-अलग प्रकरण भी दर्ज हुए हैं।
सार्वजनिक स्थानों पर वाहन खड़ा कर बाधा या खतरा उत्पन्न करने वाले वाहनों के विरुद्ध बीएनएस-2023 की धारा 285 के तहत भी दो एफआईआर दर्ज कराई गईं।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर विशेष अभियान
राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए बगरू से दौलतपुरा तक लेन ड्राइविंग समझाइश अभियान चलाया गया। इस दौरान निर्धारित लेन का उल्लंघन करने वाले 11,943 वाहनों पर कार्रवाई हुई।
गलत दिशा में चलने वाले 232 चालकों, नो पार्किंग में खड़े 524 वाहनों और अन्य धाराओं में 5,056 चालकों सहित कुल 18,650 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
अवैध गतिविधियों पर लगाम
यातायात पुलिस ने 47 ई-रिक्शा जब्त किए हैं, जो नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। इसके अलावा, 1,207 अवैध प्रेशर हॉर्न भी जब्त किए गए।
कुल 1,02,255 वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन न करने के लिए नोटिस जारी किए गए। यह कार्रवाई शहर में यातायात व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन और ई-रिक्शा अभियान
यातायात नियमों का लगातार उल्लंघन करने वाले 7,443 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस एमवी एक्ट की धारा 206(4) के तहत परिवहन विभाग को निलंबन के लिए भेजे गए। इनमें से 4,492 लाइसेंस विभाग द्वारा निलंबित भी कर दिए गए हैं।
ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान नियमों की अवहेलना पर 47 ई-रिक्शा जब्त किए गए और अन्य धाराओं में कुल 5,381 चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इस प्रकार, ई-रिक्शा अभियान के दौरान कुल 5428 प्रवर्तन कार्रवाई की गईं, जो शहर में सुव्यवस्थित परिवहन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
पिछले दो वर्षों के आंकड़े: चिंताजनक वृद्धि
पिछले दो वर्षों के आंकड़ों से यातायात नियमों के उल्लंघन में चिंताजनक वृद्धि सामने आई है। शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में 2024 में 44 कार्रवाई से बढ़कर 2025 में यह आंकड़ा 1,130 तक पहुंच गया है।
गलत दिशा में वाहन चलाने के मामले भी बदतर हुए हैं, जहां 2024 में 377 चालकों पर कार्रवाई हुई थी, वहीं 2025 में यह संख्या 3,098 तक पहुंच गई।
नो पार्किंग की समस्या भी गंभीर रूप ले चुकी है। 2024 में 18,035 चालानों से बढ़कर 2025 में यह आंकड़ा 31,796 हो गया।
तेज हॉर्न बजाने को लेकर कार्रवाई 66 से बढ़कर 219 और बिना लाइसेंस वाहन चलाने के मामलों में 2,227 से बढ़कर 4,504 तक पहुंच गई है।
बिना हेलमेट वाहन चलाने के मामलों में सबसे बड़ा उछाल दर्ज हुआ है। 2024 में 3,684 मामलों से बढ़कर 2025 में 44,403 चालकों पर कार्रवाई हुई।
ओवरस्पीड के मामलों में भी 2024 में 10,009 चालान काटे गए थे, जबकि 2025 में यह संख्या 27,273 तक पहुंच गई है। ये आंकड़े कुल मिलाकर नियमों की अनदेखी की गंभीर तस्वीर पेश करते हैं।