thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 🌺 ज़िंदगानी 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 💡 मनचाही ▶️ YouTube
ज़िंदगानी

जोधपुर: प्रदूषित पानी की जांच को कलेक्टर 8 किमी पैदल चले

गणपत सिंह मांडोली गणपत सिंह मांडोली 35

जोधपुर (Jodhpur) में प्रदूषित पानी की समस्या को देखते हुए, जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल (Collector Gaurav Agarwal) ने 8 किमी पैदल चलकर हैवी इंडस्ट्रियल एरिया (Heavy Industrial Area) से सांगरिया सीईटीपी (Sangaria CETP) तक रीको ड्रेन (RIICO Drain) का निरीक्षण किया। उन्होंने केमिकलयुक्त पानी के स्रोतों की पहचान कर कार्रवाई के निर्देश दिए।

HIGHLIGHTS

  1. 1 कलेक्टर ने 8 किमी पैदल चलकर प्रदूषित रीको ड्रेन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर रंगीन व केमिकलयुक्त पानी मिला। अवैध औद्योगिक सीवेज कनेक्शन तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन न होने पर जताई नाराजगी।
jodhpur collector walked 8km to investigate polluted water
कलेक्टर ने 8 किमी पैदल चलकर जांची जोजरी नदी

जोधपुर: जोधपुर (Jodhpur) में प्रदूषित पानी की समस्या को देखते हुए, जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल (Collector Gaurav Agarwal) ने 8 किमी पैदल चलकर हैवी इंडस्ट्रियल एरिया (Heavy Industrial Area) से सांगरिया सीईटीपी (Sangaria CETP) तक रीको ड्रेन (RIICO Drain) का निरीक्षण किया। उन्होंने केमिकलयुक्त पानी के स्रोतों की पहचान कर कार्रवाई के निर्देश दिए।

जोजरी नदी में प्रदूषित पानी की आवक लगातार जारी है। सीईटीपी के साथ-साथ रीको नाले से भी केमिकलयुक्त पानी आ रहा है।

इस गंभीर समस्या की जांच के लिए शुक्रवार को जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने प्रदूषण विभाग और रीको के अधिकारियों के साथ मिलकर 8 किलोमीटर के पूरे औद्योगिक क्षेत्र का पैदल निरीक्षण किया।

रीको ड्रेन का विस्तृत निरीक्षण

औद्योगिक इलाके में बह रहे रीको ड्रेन का गहनता से निरीक्षण किया गया। यह ड्रेन विभिन्न औद्योगिक इलाकों से प्रवाहित होते हुए सांगरिया के समीप जोजरी नदी में मिलती है।

कलेक्टर ने अपस्ट्रीम (हैवी इंडस्ट्रियल एरिया) से लेकर डाउनस्ट्रीम (सीईटीपी सांगरिया) तक 8 किमी का इलाका पैदल चलकर जांचा।

इस दौरान एफ्लुएंट के प्रकार, संभावित स्रोतों की पहचान, फ्लो मेजरमेंट और एफ्लुएंट सैंपलिंग की गई।

प्रदूषण के चौंकाने वाले खुलासे

कैंपस के पास ड्रेन में रंगीन जल प्रवाहित होता मिला, जिस पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। यहां फ्लो मापन 6 एमएलडी दर्ज किया गया और नमूने आरएसपीसीबी की ओर से लिए गए।

कई स्थानों पर औद्योगिक सीवरेज कनेक्शन, आउटलेट और शौचालय ड्रेन से जुड़े पाए गए। इन्हें तुरंत हटाने के निर्देश रीको को दिए गए।

ट्रांसपोर्ट नगर और मेडिपल्स अस्पताल के पीछे के बिंदुओं पर भी नमूना संग्रह किया गया। रोड नंबर 6, एमआईए फेज-2, बासनी में भी रंगीन एफ्लुएंट पाया गया, जिसका पीएच स्तर 9-10 दर्ज हुआ।

यह अत्यधिक पीएच स्तर टेक्सटाइल इकाइयों से डिस्चार्ज की संभावना को दर्शाता है।

कलेक्टर द्वारा दिए गए कड़े निर्देश

कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने प्रदूषण को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

उन्होंने रीको ड्रेन में प्रवाहित हो रहे एफ्लुएंट के स्रोतों की पहचान कर दोषी इकाइयों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने को कहा।

रीको को यह भी निर्देश दिए गए कि कोई भी उद्योग बिना उपचारित जल ड्रेन में न छोड़े और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

सभी अवैध सीवेज और औद्योगिक कनेक्शन तत्काल हटाने के आदेश दिए गए।

सीईटीपी स्तर पर रोटेशनल बेस्ड डिस्चार्ज एक्शन प्लान शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी

यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है और वहां से निर्देश भी मिल चुके हैं।

लेकिन प्रदूषण विभाग की लापरवाही के कारण अवैध रूप से अतिरिक्त पानी डिस्चार्ज करने वालों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

हालात इतने खराब हैं कि इंडस्ट्रीज एरिया की कई गलियों में केमिकल का पानी और स्लज (गाद) भरा हुआ है, जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को गंभीर खतरा है।

शेयर करें: