हाइवे जाम तो और वाहनों की लंबी कतार। वाहन चालक परेशान तो पुलिस के लिए आ गई आफत।
नेताओं को डीजे पर गाने बजाने का हक, भक्तों को भजन बजाने पर रोक क्यों?
कावड़ियों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस नेताओं को तो डीजे पर तेज आवाज में गाने बजाने से नहीं रोकती हैं, तो फिर भक्तों के साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया जा रहा।
पूर्व संसदीय सचिव कैलाश वर्मा ने कहा कि पुलिस द्वारा कांवडियों को डीजे बजाने से रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है।
दरअसल, बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कावड़िए डीजे की धुन पर नाचते-गाते मालेश्वर धाम से कावड़ लेकर आ रहे थे।
ऐसे में जब कावड़ यात्रा जयपुर-अजमेर हाईवे पर बगरू थाना क्षेत्र में पहुंची तो पुलिस ने कावड़ियों के साथ चल रहे डीजे को जब्त कर लिया। जिसको लेकर हंगामा हो गया।
ये मामला बगरू थाना पहुंच गया और सभी कावंडियों ने पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने लगे।
इस दौरान कावड़ियों को स्थानीय ग्रामीणों का भी साथ मिल गया। हंगामे के चलते हाईवे पर जाम लग गया।
ऐसे में बगरू एसीपी अनिल शर्मा मौके पर पहुंचे और धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों से समझाईश की।
कावड़ियों की मांग थी कि जब्त किए गए डीजे को छोड़ा जाए और इसे बजाने की अनुमति दी जाए।
आखिरकार चार घंटे बाद पुलिस प्रशासन ने समझाइश कर मामला शांत करवाया।
हालांकि, बाद में कावड़ियों से समझाइश कर मामला शांत करा दिया।
भाजपा का आरोप है कि गहलोत सरकार तुष्टीकरण की नीति अपना रही है।
भाजपा ने ट्वीट करते हुए कहा कि कांग्रेस राज में दलितों पर अत्याचार हो रहे है और गहलोत सरकार मौन बैठी हुई है लेकिन, अब कांग्रेस राज में शिव भक्तों का अपमान हो रहा है। इससे साफ है कि राजस्थान में तुष्टिकरण चरम पर पहुंच गया है।