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राज्य

खान विभाग ने अरावली की ऊंचाई कम दिखाकर बांटी खदानें, कार्रवाई नहीं

प्रदीप बीदावत प्रदीप बीदावत 42

राजस्थान (Rajasthan) के खान विभाग (Mines Department) के इंजीनियरों ने अरावली (Aravalli) पहाड़ियों की ऊंचाई कागजों में कम दिखाकर सैकड़ों खदानें अलॉट कीं। अलवर (Alwar) और रामगढ़ (Ramgarh) में ऐसे 80 से अधिक मामले हैं, पर कार्रवाई शून्य रही। सिर्फ उदयपुर (Udaipur) में एसीबी (ACB) ने अधिकारियों के खिलाफ चालान पेश किया।

HIGHLIGHTS

  1. 1 खान विभाग ने अरावली की ऊंचाई कम दिखाकर खदानें अलॉट कीं। अलवर और रामगढ़ में 80 से अधिक ऐसे मामले सामने आए हैं। उदयपुर में एसीबी ने 10 अधिकारियों के खिलाफ चालान पेश किया। कागजों में 100 मीटर ऊंची पहाड़ियों को 60-80 मीटर दर्शाया गया।
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अरावली में खान घोटाला: कार्रवाई जीरो

जयपुर: राजस्थान (Rajasthan) के खान विभाग (Mines Department) के इंजीनियरों ने अरावली (Aravalli) पहाड़ियों की ऊंचाई कागजों में कम दिखाकर सैकड़ों खदानें अलॉट कीं। अलवर (Alwar) और रामगढ़ (Ramgarh) में ऐसे 80 से अधिक मामले हैं, पर कार्रवाई शून्य रही। सिर्फ उदयपुर (Udaipur) में एसीबी (ACB) ने अधिकारियों के खिलाफ चालान पेश किया।

खान विभाग के इंजीनियरों ने कागजों में अरावली की ऊंचाई को 100 मीटर से कम दिखाने का बड़ा खेल किया है। यह धोखाधड़ी अलवर और रामगढ़ क्षेत्रों में सर्वाधिक 80 खदानों के मामलों में सामने आई है। सिरोही और उदयपुर में भी इसी तरह के मामले दर्ज किए गए हैं।

विभाग ने इस संबंध में अब तक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पूरे अलवर जिले में ऐसी लगभग 100 खदानों की संभावना जताई गई थी।

अरावली की ऊंचाई कम दिखाकर अलॉटमेंट

वर्ष 2009-10 में, खान विभाग ने अलवर और रामगढ़ में 100 मीटर से ऊंची पहाड़ियों को कागजों में 60 से 80 मीटर दर्शाकर खदानें अलॉट कर दी थीं। इस अलॉटमेंट को लेकर लंबे समय तक जांच चलती रही, लेकिन किसी पर कोई एक्शन नहीं लिया गया।

इस पूरे मामले में केवल उदयपुर में ही कार्रवाई देखने को मिली थी, जहां विभाग के इंजीनियरों पर एक्शन लिया गया था। गौरतलब है कि प्रदेश में अरावली पर्वत माला या इससे जुड़ी पहाड़ियों पर कुल 10,500 खानें अलॉट हैं, जिनमें से लगभग 900 खानें 100 मीटर से ऊंची हैं।

अल्टीमीटर मशीन का दुरुपयोग कर घोटाला

विभाग के इंजीनियरों ने जीटी शीट (जनरल टॉपोग्राफी शीट) प्रक्रिया की जगह अल्टीमीटर मशीन का उपयोग किया। उन्होंने पहाड़ियों की ऊंचाई अल्टीमीटर मशीन से नापकर अरावली को छोटी दिखाया और खदान अलॉटमेंट का रास्ता निकाला।

इसी तरीके से कई खदानों की नीलामी कराई गई थी। उदयपुर में इसी तरह के एक मामले में, अल्टीमीटर मशीन से अरावली की ऊंचाई घटाकर नापने और गलत अलॉटमेंट के आरोप में एसीबी ने तत्कालीन निदेशक सहित 10 अधिकारियों के खिलाफ हाल ही में कोर्ट में चालान पेश किया है। यह मामला खान विभाग में भ्रष्टाचार की एक बड़ी मिसाल पेश करता है।

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