करौली जिले की नादौती थाना पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
अब उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ है। बेटी भी गई और अपराधी भी बेखौफ मजे कर रहे हैं।
ऐसे में परिवार की पीड़ा को सुनने और समझने के लिए सांसद किरोड़ी लाल मीणा पहुंचे और परिवार को न्याय दिलाने के लिए धरने पर बैठ गए।
किरोड़ी लाल मीणा ने तो अपना फर्ज पूरा किया, लेकिन दलितों के हक की बातें करने वाले एक भी दलित नेता ने अभी तक पीड़ित परिवार के आंसू पोछना भी उचित नहीं समझा।
आखिर कहां गए दलित नेता और क्यों नहीं दे रहे दिखाई। अपने साथ हुई ऐसी बर्बता के लिए मृतक युवती की आत्मा और उसका परिवार इंसाफ की मांग कर रहा है।
ऐसे में सभी की निगाहें उन नेताओं को तलाश रही है जो बार-बार दलितों के हक की लड़ाई की डींगे हाकते दिखते हैं।
अब ये भी सवाल उठने लगा है कि आखिर दलित युवती के परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए दलित नेता चुप क्यों हैं?
बता दें कि, गुरुवार देर शाम से ही दलित युवती के साथ जो हुआ उसको लेकर हंगामा जारी है।
लेकिन उसमें दलित नेता कहीं भी दिखाई नहीं दे रहे हैं यहां तक कि उनका कोई बयान भी सामने नहीं आया है।

हालांकि राज्यसभा से भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा और उनके समर्थक एवं पीड़ित परिवार के लोगों ने जिला अस्पताल में डेरा डाला हुआ है।
मामले की जानकारी मिलने पर किरोड़ी लाल मीणा भी जिला अस्पताल पहुंच गए। वे कल रात से ही धरने पर बैठे हैं।
इस मामले में लापरवाही को लेकर उनकी प्रशासन से बहस भी हुई है।
पुलिस के अनुसार, करौली के भीलापाड़ा मोड़ स्थित एक कुंए में गुरुवार को युवती का शव मिला।
नादौती थाना पुलिस की ओर से शव को कुएं से बाहर निकालने पर पाया गया कि मृतका के चेहरे पर एसिड डाला गया है। जिसके कारण परिजन हत्या का आरोप लगाकर मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर अड़े हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, मृतका टोडाभीम थाना क्षेत्र के मोहनपुरा की रहने वाली थी और उसकी उम्र 18 साल थी।
मृतका के पिता दुबई में कारोबार करते हैं। युवती के साथ हुई इस वारदात के समय पिता दुबई में थे।
इस मामले पर आम आदमी पार्टी की नेता गायत्री बिश्नोई ने भी दुख जताते हुए सीएम अशोक गहलोत पर कटाक्ष किया है।