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राजनीति

कृषि मंत्री किरोड़ीलाल ने डोटासरा के आरोपों का किया खंडन

प्रदीप बीदावत प्रदीप बीदावत 42

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा (Dr. Kirodi Lal Meena) ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasra) के किसानों पर लाठीचार्ज और खाद की कमी के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में उर्वरकों की समुचित व्यवस्था और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जबकि पिछली कांग्रेस (Congress) सरकार के कार्यकाल में ऐसी घटनाएं हुई थीं।

HIGHLIGHTS

  1. 1 कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने डोटासरा के किसानों पर लाठीचार्ज और खाद की कमी के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने बताया कि राज्य में उर्वरकों की समुचित व्यवस्था और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। कालाबाजारी और अनियमितता रोकने के लिए सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है, 30 एफआईआर दर्ज की गईं। सीमावर्ती जिलों में उर्वरकों के अवैध परिवहन को रोकने के लिए 61 चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं।
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किरोड़ीलाल ने डोटासरा के आरोपों को नकारा

जयपुर: कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा (Dr. Kirodi Lal Meena) ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasra) के किसानों पर लाठीचार्ज और खाद की कमी के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में उर्वरकों की समुचित व्यवस्था और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जबकि पिछली कांग्रेस (Congress) सरकार के कार्यकाल में ऐसी घटनाएं हुई थीं।

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने शुक्रवार को पंत कृषि भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा लगाए गए किसानों पर लाठीचार्ज और खाद की कमी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में उर्वरकों की समुचित व्यवस्था, प्रभावी वितरण और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

डॉ. मीणा ने जोर देकर कहा कि किसानों पर लाठीचार्ज, खाद के लिए लंबी कतारें और कड़ाके की ठंड में परेशानी जैसी घटनाएं पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की देन थीं। उन्होंने वर्तमान सरकार के तहत ऐसी किसी भी घटना से इनकार किया और कहा कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने या किसानों के साथ अत्याचार का कोई मामला सामने नहीं आया है।

पारदर्शी वितरण और सॉयल हेल्थ कार्ड का लाभ

कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड की रिपोर्ट के अनुसार खाद मिल रहा है। यह व्यवस्था उर्वरकों के समान और पारदर्शी वितरण को सुनिश्चित करती है, जिससे हर किसान को उसकी जरूरत के हिसाब से खाद मिल सके और किसी भी तरह की धांधली की गुंजाइश न रहे।

कालाबाजारी और अनियमितता पर सख्त कार्रवाई

डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि सरकार उर्वरकों के वितरण में किसी भी तरह की कालाबाजारी या अनियमितता को रोकने के लिए बेहद सख्त है। कृषि विभाग द्वारा उर्वरकों की दैनिक उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि कहीं भी कमी या अधिकता की स्थिति न बने।

उन्होंने बताया कि कम उपलब्धता और अधिक खपत वाले जिलों व ब्लॉकों को चिन्हित कर प्रदेशभर में प्राथमिकता के साथ पूर्ण पारदर्शिता से उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाद की जरूरत वाले क्षेत्रों में समय पर आपूर्ति हो सके।

अवैध भंडारण और यूरिया डायवर्जन पर शिकंजा

उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए कृषि विभाग के अधिकारी पूरे प्रदेश में सतर्कता से काम कर रहे हैं। खाद के अवैध भंडारण, कालाबाजारी और यूरिया डायवर्जन के मामलों में व्यापक कार्रवाई की गई है। कृषि मंत्री ने बताया कि अवैध भंडारण और यूरिया डायवर्जन के कुल 30 एफ.आई.आर. दर्ज की गई हैं।

इन एफ.आई.आर. में श्रीगंगानगर में 2, टोंक में 2, अलवर में 4, पाली में 2, कोटपुतली में 1, नागौर में 5, सीकर में 1, भरतपुर में 2, डूंगरपुर में 1, दौसा में 2, जैसलमेर में 1, करौली में 1 और जालौर जिले में 1 प्रकरण शामिल है। यह दर्शाता है कि सरकार इस मुद्दे पर कितनी गंभीर है।

उर्वरकों की उपलब्धता के आंकड़े

डॉ. मीणा ने उर्वरकों की उपलब्धता के आंकड़े भी प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार निरंतर केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर प्रदेश की मांग के अनुसार उर्वरकों की आपूर्ति करवा रही है।

रबी 2025 में यूरिया की स्थिति

रबी 2025 में अक्टूबर से दिसंबर तक भारत सरकार द्वारा 11 लाख 34 हजार मैट्रिक टन यूरिया आवंटित किया गया था। दिनांक 01 अक्टूबर को उपलब्ध स्टॉक सहित अब तक 10 लाख 50 हजार मैट्रिक टन यूरिया की उपलब्धता की जा चुकी है, जो कुल आवंटन का 92.59 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त, 25 हजार मैट्रिक टन यूरिया परिवहन में है और दिसंबर में लगभग 3 लाख मैट्रिक टन यूरिया की आवक संभावित है।

रबी 2025 में डीएपी की स्थिति

इसी प्रकार, रबी 2025 में अक्टूबर से दिसंबर तक भारत सरकार द्वारा 2 लाख 68 हजार मैट्रिक टन डीएपी आवंटित किया गया था। दिनांक 01 अक्टूबर को उपलब्ध स्टॉक सहित अब तक 3 लाख 50 हजार मैट्रिक टन डीएपी की उपलब्धता की जा चुकी है, जो आवंटन से अधिक है। 10 हजार मैट्रिक टन डीएपी अभी भी परिवहन में है।

वर्तमान स्टॉक की जानकारी

कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 1 लाख 67 हजार मैट्रिक टन यूरिया, 66 हजार मैट्रिक टन डीएपी, 61 हजार मैट्रिक टन एनपीके और 1 लाख 43 हजार मैट्रिक टन एसएसपी उर्वरकों का स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में गत वर्ष की तुलना में फॉस्फेटिक उर्वरकों का स्टॉक 79 हजार मैट्रिक टन अधिक है, जो किसानों के लिए एक अच्छी खबर है।

सीमावर्ती जिलों में 61 चेक पोस्ट स्थापित

कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य के सीमावर्ती जिलों से उर्वरकों के अन्य राज्यों में अवैध परिगमन को रोकने के लिए विभाग ने पुलिस के सहयोग से 61 चेक पोस्ट स्थापित किए हैं। इन चेक पोस्टों द्वारा नियमित निगरानी जारी है ताकि खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगाया जा सके।

अब तक उर्वरक सहित अन्य आदानों में विक्रेताओं/विनिर्माताओं द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर 89 एफ.आई.आर. पुलिस थानों में दोषियों के विरुद्ध दर्ज करवाई गई हैं। इसके साथ ही, 97 लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए गए हैं। विभाग द्वारा सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित कर सतत निगरानी की जा रही है, जिससे किसी भी अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

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