लखा (Lakha) में हाईटेंशन तार से घायल वीरमसिंह (Veeramsingh) के समर्थन में धरना आठवें दिन भी जारी। वार्ता विफल, उग्र आंदोलन की चेतावनी।
HIGHLIGHTS
1लखा गांव में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से वीरमसिंह गंभीर घायल, जोधपुर में इलाज जारी।
घायल के समर्थन में आठ दिनों से धरना प्रदर्शन जारी, जनप्रतिनिधि और साधु-संतों का समर्थन।
प्रशासन और संघर्ष समिति के बीच वार्ता का पहला दौर विफल, ग्रामीणों ने ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग की।
शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने धरना स्थल पर रात बिताई, उग्र आंदोलन की चेतावनी।
Ravindra Singh Bhati Sleeping on Place of
जैसलमेर: लखा (Lakha) में हाईटेंशन तार से घायल वीरमसिंह (Veeramsingh) के समर्थन में धरना आठवें दिन भी जारी। वार्ता विफल, उग्र आंदोलन की चेतावनी। बाड़मेर जिले के फतेहगढ़ क्षेत्र के लखा गांव में हाईटेंशन तारों की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हुए वीरमसिंह के समर्थन में चल रहा धरना प्रदर्शन आज आठवें दिन भी जारी रहा। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बना दिया है, और ग्रामीण कंपनी तथा प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं। घायल वीरमसिंह का उपचार जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
जनप्रतिनिधि और साधु-संतों का समर्थन
रविवार को धरना स्थल पर महापड़ाव का आह्वान किया गया था, जिसके बाद साधु-संतों के साथ-साथ कई प्रमुख जनप्रतिनिधि भी लखा पहुंचे। इनमें शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, जैसलमेर के पूर्व विधायक रुपाराम धनदेव, फतेहगढ़ प्रधान जनक सिंह और आरएलपी युवा नेता थान सिंह डोली सहित बाड़मेर-जैसलमेर से सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। सभी ने कंपनी के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी द्वारा ग्राम पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लिए बिना ही ओरण भूमि पर हाईटेंशन लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। इससे न केवल परंपरागत ओरण भूमि का उल्लंघन हुआ है, बल्कि ग्रामीणों की आस्था को भी ठेस पहुंची है।
धरना स्थल पर रविवार को प्रशासन और संघर्ष समिति के बीच वार्ता का पहला दौर विफल रहा। प्रशासन की ओर से फतेहगढ़ उपखंड अधिकारी, नायब तहसीलदार और पुलिस अधिकारी मौजूद थे, जबकि कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर भी वार्ता में शामिल हुए। ग्रामीणों और संघर्ष समिति ने पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की अडिग मांग रखी। इसके साथ ही उचित मुआवजे और जब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होगी, तब तक धरना जारी रखने की बात कही। हालांकि, प्रशासन और कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा मांगों पर संतोषजनक प्रतिक्रिया न मिलने के कारण वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद धरनार्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
मांगें नहीं माने जाने के विरोध में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने लखा में ही रात बिताई, जिससे ग्रामीणों का हौसला बढ़ा है। संघर्ष समिति ने बताया कि प्रशासन और निजी कंपनी को मांगों पर विचार करने के लिए एक दिन का समय दिया गया है। यदि इस दौरान उनकी मांगें मान ली जाती हैं, तो धरना समाप्त कर दिया जाएगा। अन्यथा, यदि प्रशासन और निजी कंपनी के अधिकारी मांगों को नहीं मानते हैं, तो लखा में विरोध प्रदर्शन और तेज किया जाएगा। यह कदम दिखाता है कि जनप्रतिनिधि इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं और ग्रामीणों के साथ खड़े हैं।
पीड़ित को न्याय दिलाया जाएगा: छोटूसिंह भाटी
जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी ने लखा गांव में हुई घटना को अत्यंत चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि निजी कंपनी द्वारा जो कार्य करवाया जा रहा था, वहां सुरक्षा संकेतक (indicators) लगाए जाने चाहिए थे। विधायक भाटी ने आश्वासन दिया कि वे इस मामले की गहन जांच करवाकर पीड़ित वीरमसिंह को न्याय दिलाएंगे। उनके इस बयान से ग्रामीणों में न्याय की उम्मीद जगी है। फिलहाल, सभी की निगाहें अगले 24 घंटों पर टिकी हैं, जब प्रशासन और कंपनी को मांगों पर अपना रुख स्पष्ट करना होगा।