अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) दिनेश एम.एन. ने इस गिरफ्तारी को एक बड़ी सफलता बताया है।
उन्होंने कहा कि इस गिरफ्तारी से विदेश में छिपे गिरोह के सरगना रोहित गोदारा को पकड़ने का रास्ता अब और भी आसान हो सकता है।
राजस्थान के सबसे वांछित अपराधी
इससे पहले, राजस्थान पुलिस ने राज्य के सबसे वांछित अपराधियों की एक सूची जारी की थी।
इस सूची में गैंगस्टर रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ जैसे बड़े नाम शामिल थे।
एडीजी क्राइम दिनेश एम.एन. ने शीर्ष 25 सबसे वांछित अपराधियों की सूची जारी करते हुए कहा था कि राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करना और जनता का विश्वास बहाल करना हमारा संकल्प है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि ये 25 अपराधी समाज के लिए एक बड़ा खतरा हैं और इनकी गिरफ्तारी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
नई सूची में 12 नए अपराधी शामिल
हाल ही में जारी की गई इस सूची में 12 नए अपराधी भी शामिल किए गए हैं।
ये अपराधी विभिन्न जघन्य अपराधों में वांछित हैं और इन पर लाखों रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
इस सूची में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के कुछ वर्तमान और पूर्व सदस्यों को भी शीर्ष पर रखा गया है।
रोहित गोदारा उर्फ रावतराम इस सूची में सबसे ऊपर है, जिस पर हत्या, डकैती और लूट के 20 मामले दर्ज हैं।
राजस्थान पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।
सभी अपराधियों को पकड़ने के प्रयास जारी
सूची जारी करने के बाद एडीजी ने बताया कि जयपुर और जोधपुर पुलिस आयुक्तों, सभी रेंज महानिरीक्षकों, पुलिस उपायुक्तों, सभी जिला पुलिस अधीक्षकों, जीआरपी और एटीएस/एसओजी सहित सभी पुलिस अधिकारियों को इन चिन्हित अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध पर लगाम लगाने और अपराधियों को कानून के कटघरे में लाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
यह गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय सहयोग और पुलिस की कड़ी मेहनत का परिणाम है।
पुलिस महानिदेशक ने विश्वास व्यक्त किया कि जल्द ही अन्य वांछित अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
राज्य भर में पुलिस टीमें इन अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
जनता से भी अपील की गई है कि वे इन अपराधियों के बारे में किसी भी जानकारी को पुलिस के साथ साझा करें।
सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और उसे उचित इनाम भी दिया जाएगा।
यह कार्रवाई राज्य में अपराध मुक्त वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।