यह सोना सऊदी अरब से लाया गया था और जोधपुर एयरपोर्ट को नया ट्रांजिट पॉइंट बनाया गया था।
पुलिस ने सोने की सप्लाई के लिए इस्तेमाल हो रही एक स्कॉर्पियो को भी जब्त किया है।
शेरानी आबाद निवासी 3 अंतरराज्यीय तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है।
नया तस्करी मार्ग: जोधपुर एयरपोर्ट
तस्करों ने कस्टम की सख्ती से बचने के लिए दिल्ली, मुंबई या जयपुर के बजाय जोधपुर एयरपोर्ट को चुना था।
गिरफ्तार आरोपियों में अरशद अयूब, अब्दुल मजीद और मोहम्मद यूनुस शामिल हैं।
अब्दुल मजीद और मोहम्मद यूनुस सीधे सऊदी अरब से हवाई रास्ते के जरिए जोधपुर एयरपोर्ट पर उतरे थे।
उनका तीसरा साथी अरशद अयूब अपनी स्कॉर्पियो लेकर एयरपोर्ट के बाहर उनका इंतजार कर रहा था।
यह सिंडिकेट सऊदी अरब, दुबई और मस्कट से सोना लाकर शेखावाटी क्षेत्र के ज्वैलर्स को बेचता था।
प्रति किलो पर 50 हजार से 5 लाख रुपए तक का मुनाफा कमाया जाता था।
नागौर-सीकर की गैंग से इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी रैकेट की जड़ें जुड़ी हुई हैं।
दुबई में सोना भारत की तुलना में करीब 5 लाख रुपए तक सस्ता मिलता है, जो मुनाफे का मुख्य कारण है।
तस्कर एक किलो सोने की डिलीवरी पर कम से कम 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपए तक का 'हैंडलिंग चार्ज' काटते हुए 5 लाख तक का सीधा मुनाफा कमाते थे।
यह तस्करी सिंडिकेट सीकर, फतेहपुर, जयपुर, झुंझुनूं और चूरू जैसे 5 से ज्यादा जिलों में फैले ज्वैलर्स को सप्लाई करता था।