जयपुर। पारंपरिक दस्तकारों को आधुनिक तकनीक युक्त आधारभूत सुविधायें उपलब्ध करवाकर उनके उत्थान हेतु विभिन्न तरह की योजनाओं को क्रियान्वित करना ही यादे माटी कला बोर्ड का एकमात्र उदेश्य है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के माटी कामगारों के स्वरोजगार से स्वावलंबन के मिशन को पूरा करने में माटी कला बोर्ड युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है।
यही वजह है कि राजस्थान सरकार की बजट घोषणा 2024-25 में 1000 मिट्टी गूंथने की मशीनों व विधुत चालित चाक के वितरण का कार्य त्वरित गति से किया जा रहा है। यादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद राय टाक ने शुक्रवार को उद्योग भवन के सभागार में बताया कि 16 जिलों के मिट्टी गूंथने की मशीनों व विद्युत चालित चाक आवंटन के लिए लॉटरी के जरिए आवंटन किया जाएगा।
टाक ने कहा कि बजट घोषणा के प्रथम चरण में कुल 25 जिलों के 500 चयनित मिट्टी कामगारों को मिट्टी गूंथने की मशीनों व विधुत चालित चाक का वितरण किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक जिले से 20 लोगों का चयन किया गया है। इनमें से 9 जिलों की लॉटरी निकाली जा चुकी है।