जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर में शुक्रवार को पर्यावरण संरक्षण और अरावली पर्वतमाला के अस्तित्व को लेकर एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। एनएसयूआई की ओर से आयोजित अरावली बचाओ मार्च में हजारों की संख्या में छात्र और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस पैदल मार्च के माध्यम से भाजपा सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया गया और अरावली को बचाने की मांग उठाई गई।
सचिन पायलट ने सरकार की मंशा पर उठाए गंभीर सवाल
पायलट ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अरावली पर्वतमाला केवल पत्थरों और पहाड़ों का समूह नहीं है। यह उत्तर भारत के एक विशाल क्षेत्र को सुरक्षा कवच प्रदान करती है। उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया कि ऐसी क्या मजबूरियां थीं जिनके चलते हजारों साल पुरानी इस पर्वतमाला को विनाश की राह पर धकेला जा रहा है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि वह किसके दबाव में इस प्राकृतिक संपदा के साथ खिलवाड़ कर रही है।