जयपुर, 23 जनवरी। कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने मंगलवार को विधानसभा में बताया कि बेरोजगारों को भत्ता देने के लिए सबसे पहले वर्ष 2007 में अक्षत योजना के नाम से प्रारंभ की गयी थी।
इसके बाद वर्ष 2009 में इसमें कौशल जोड़कर इसका नामकरण अक्षत कौशल योजना कर दिया गया। वर्ष 2012 और 2019 में बेरोजगारों को भत्ता देने की इस योजना के नाम बदले गए और इसमें समयानुसार भत्ता राशि बढ़ाई गई।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री युवा संबल योजना में एक समय में अधिकतम दो लाख पात्र युवाओं को लाभ देने का प्रावधान है। वर्तमान में इस योजना में एक लाख 86 हजार 656 पात्र युवाओं को लाभ दिया जा रहा है। इस सीमा में शेष पात्रों को लाभ दिए जाने का कार्य प्रक्रियाधीन है।
कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता मंत्री प्रश्नकाल के दौरान इस सम्बन्ध में सदस्य द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2007 से अब तक 6 लाख 38 हजार 621 पात्रों को लाभ दिया जा चुका है।