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चिरंजीवी के नाम पर सरकार ने किया धोखा, निजी अस्पतालों में लुट रहे हैं मरीज, तिल-तिल कर मरने को मजबूर आमजन

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भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पंकज मीणा ने सीएम गहलोत को आड़े हाथों लेते हुए उनके द्वारा प्रदेश में चलाई गई चिरंजीवी योजना को जनता के साथ धोखा करार दिया है। 

HIGHLIGHTS

  1. 1 भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पंकज मीणा ने सीएम गहलोत को आड़े हाथों लेते हुए उनके द्वारा प्रदेश में चलाई गई चिरंजीवी योजना को जनता के साथ धोखा करार दिया है। 
pankaj meena termed cm ashok gehlot chiranjeevi scheme as a betrayal of public

जयपुर | राजस्थान में जहां एक ओर प्रियंका गांधी शुक्रवार को दौसा में रैली कर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गुणगाण करके गई हैं।

वहीं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पंकज मीणा ने सीएम गहलोत को आड़े हाथों लेते हुए उनके द्वारा प्रदेश में चलाई गई चिरंजीवी योजना को जनता के साथ धोखा करार दिया है। 

पंकज मीणा ने कहा कि राज्य में चिरंजीवी योजना को मील का पत्थर बताने वाली सरकार की आंखो के सामने ही निजी अस्पतालों में मरीजों का शोषण हो रहा है और इलाज के नाम पर मरीजों से भारी वसूली की जा रही है। 

चिरंजीवी के नाम पर दम भरने वाली सरकार के मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री आज तक यह नहीं बता पाए है कि इस योजना के तहत इलाज नहीं करने वाले कितने निजी अस्पतालों के खिलाफ सरकार ने कार्रवाई की है। 

यहीं हाल सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू की गई आरजीएचएस योजना का भी है। निजी अस्पताल इस योजना के तहत इलाज करने को ही तैयार नहीं हो रहे हैं। 

वहीं कई अस्पतालों ने तो इन योजनाओं के माध्यम से ही कमाई का रास्ता खोज निकाला है। मॉनीटरिंग के अभाव में ये योजनाएं आमजन को राहत देने के स्थान पर आहत कर रही है।
 
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पंकज मीणा ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों के लिए ये योजनाएं सिर्फ कमाई का साधन बनकर रह गई है। 

यहीं हाल सरकारी अस्पतालों का भी है, राज्य में इन दिनों मौसमी बीमारियों डेंगू, मलेरिया और स्क्रब टाइफस के साथ ही चिकनगुनिया ने कहर ढा दिया है लेकिन अस्पतालों में इनके इलाज के लिए माकूल व्यवस्थाएं नहीं है। 

पूरे पांच वर्षों तक मुख्यमंत्री राजस्थान में चिकित्सा के क्षेत्र में शानदार काम होने का ढोल पीटते रहे लेकिन कभी भी यह नहीं बता पाए कि आखिर काम क्या हुआ है।

सरकारी अस्पतालों में जांच और जांच पर्ची मुफ्त कर दी गई लेकिन इनकी लाइन इतनी लंबी है कि समय पर इलाज की पर्ची ही नहीं मिल पा रही है। 

जांच के मामले में भी यहीं हाल है, जांच के लिए लंबी लाइन के चलते मरीजों को सरकारी अस्पतालों के बाहर निजी जांच लैब पर जांच करवानी पड रही है। 

प्रदेश में इस साल डेंगू के 9 हजार से अधिक केस सामने आ चुके हैं

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पंकज मीणा ने कहा कि आंकडों की बात की जाए तो राज्य के 9 जिलों धौलपुर, बीकानेर, भरतपुर, बारां, दौसा, श्रीगंगानगर, झालावाड, जोधपुर और उदयपुर में मौसमी बीमारियों के कारण हर घर में मरीज मिल रहे हैं लेकिन अब तक चिकित्सा विभाग ने इनकी रोकथाम के लिए कोई प्रयास शुरू नहीं किए है। 

अगर बरसात थमने के साथ ही इन इलाकों में फोगिंग शुरू हो जाती तो आज यह हालात नहीं होते। प्रदेश में इसी वर्ष डेंगू के 9 हजार से अधिक केस सामने आ चुके है और दर्जनों मरीजों की मौत हो चुकी है। 

इन दिनों सरकारी व निजी अस्पतालों के वार्ड इन मौसमी बीमारियों के मरीजों से भरे हुए है। निजी अस्पतालों की मनमानी का आलम यह है कि पिछले दिनों एक अस्पताल में मरीज के परिजनों और चिकित्सकों के बीच मारपीट हो जाती है और अस्पताल प्रशासन इस घटना से नाराज होकर मरीज को अस्पताल से निकाल देता है। इसके एक सप्ताह बाद ही मरीज की मौत हो गई लेकिन इस मामले में अस्पताल पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

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