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पेपरलीक: भूपेन्द्र सारण सहित चार की हाईकोर्ट से जमानत खारिज

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जयपुर. हाईकोर्ट (High Court) ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती-2022 पेपरलीक (Paper Leak) से जुड़े ईडी (ED) मामले में भूपेन्द्र सारण (Bhupendra Saran) सहित चार आरोपियों की जमानत खारिज कर दी.

HIGHLIGHTS

  1. 1 हाईकोर्ट ने पेपरलीक मामले में भूपेन्द्र सारण की जमानत खारिज की. ईडी ने बड़े पैमाने पर रुपयों के लेनदेन का आरोप लगाया. पूर्व RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा की जमानत भी पहले खारिज हुई. पेपर परीक्षा से 60 दिन पहले ही लीक हो गया था.
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Paper Leak Rajasthan : AI

जयपुर. हाईकोर्ट (High Court) ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती-2022 पेपरलीक (Paper Leak) से जुड़े ईडी (ED) मामले में भूपेन्द्र सारण (Bhupendra Saran) सहित चार आरोपियों की जमानत खारिज कर दी.

जमानत याचिका खारिज

जस्टिस अशोक कुमार जैन की अदालत ने यह फैसला सुनाया. चारों आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया गया है.

आरोपियों ने खुद को झूठा फंसाने की दलील दी थी. वे लंबे समय से जेल में बंद हैं.

ईडी ने किया विरोध

ईडी की ओर से अधिवक्ता अक्षय भारद्वाज ने विरोध किया. उन्होंने बताया कि पेपरलीक में बड़ा लेनदेन हुआ है.

यह गंभीर अपराध से जुड़ा मामला है. इसलिए जमानत नहीं मिल सकती है.

कैसे हुआ खुलासा?

उदयपुर पुलिस ने 24 दिसंबर 2022 को एक बस पकड़ी थी. इसमें 49 अभ्यर्थी पेपर हल कर रहे थे.

सरगना चलती बस में पेपर सॉल्व करवा रहे थे. इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ था.

मामले की जांच और कटारा की भूमिका

मामले की जांच बाद में एसओजी को सौंप दी गई. ईडी ने भी अलग से केस दर्ज किया था.

करीब एक माह पहले बाबूलाल कटारा की जमानत भी खारिज हुई थी. वह पूर्व आरपीएससी सदस्य थे.

पुलिस मामले में भूपेन्द्र सारण को जमानत मिल चुकी है. लेकिन ईडी मामले में उसे राहत नहीं मिली.

पेपर लीक का मास्टरमाइंड

एसओजी के अनुसार, कटारा को पेपर तैयार करने का जिम्मा मिला था. लेकिन उसने पेपर लीक कर दिया.

उसके घर से लाखों रुपये नकद और सोने के आभूषण मिले. यह सब पेपरलीक की कमाई थी.

60 दिन पहले लीक हुआ पेपर

चार्जशीट से पता चला कि पेपर 60 दिन पहले लीक हुआ था. अक्टूबर में ही पेपर आउट हो गया था.

कटारा ने पेपर की मूल कॉपी अपने घर ले ली थी. उसने भांजे से सवाल रजिस्टर में लिखवाए.

फिर रजिस्टर शेर सिंह मीणा को दिया गया. उसने फोटो खींचकर पेपर बेचा था.

सबूत मिटाने के लिए बाद में रजिस्टर जला दिया गया. यह सब एक बड़ी साजिश का हिस्सा था.

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