पाली | सांसद पीपी चौधरी के खिलाफ उन्हीं के पार्टी वालों ने नारेबाजी कर दी। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सम्बोधन लाइव हुआ और इसी आयोजन में विरोध पहली बार देखने को मिला।
पंचायती के लिए प्रसिद्ध है पाली। यह एकमात्र ऐसी लोकसभा सीट है राजस्थान में जहां तीन सीटें अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। खुद अनारक्षित होने के बावजूद! यहां तक कि चारों आरक्षित सीटों करौली, भरतपुर, गंगानगर और बीकानेर में भी दो—दो सीटें ही एससी वर्ग के लिए रिजर्व है।
खैर! यहां लोकसभा सीट पर कभी जैन समाज का दबदबा था और अब जाट—सीरवी भारी हैं। सीरवी समाज के जाए जन्मे और केन्द्र में राज्यमंत्री रह चुके पीपी चौधरी के खिलाफ बीजेपी में ही मोर्चा खुल गया है। सांसदी की दावेदारी कर रहे पुष्प जैन और ज्ञानचंद पारख खेमा अब एक हैं और सांसद के साथ मंच शेयर करने से बच रहे हैं। यह आने वाले लोकसभा चुनाव में पीपी चौधरी के लिए भारी पड़ सकता है।
हुआ यूं कि पाली में एक नारा भजनलाल सरकार के तीन कैबिनेट और एक राज्यमंत्री के बीच गूंजा। मोदी तुझसे बैर नहीं, पीपी चौधरी तेरी खैर नहीं।