साथ ही अन्य विभागीय परियोजनाओं को लेकर भी फीडबैक लिया। मंत्री ने थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एजेंसी (टीपीआईए) की प्रक्रिया पर असंतोष जताते हुए जल्द ही इसमें सुधार के लिए व्यवस्थागत बदलाव के संकेत दिए।
प्रारंभ में पीएचईडी के अतिरिक्त मुख्य अभियंता मोहनलाल सैनी, अधीक्षण अभियंता ललित नागौरी सहित सभी अधिकारियों ने मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, सांसद कनकमल कटारा तथा विधायकगणों का स्वागत किया। भारत मजदूर संघ सहित श्रमिक संगठनों ने भी मंत्री चौधरी का अभिनंदन करते हुए अभाव-अभियोगों को लेकर ज्ञापन सौंपे।
अमृत-2 योजना में ग्राउंड लेवल से फीडबैक लेकर बनाएं प्रस्ताव—
बैठक में मंत्री चौधरी ने अवगत कराया कि केंद्र सरकार की ओर से अमृत-2 योजना के लिए बजट उपलब्ध कराया गया है। पूर्व में इस योजना में तैयार किए गए प्रस्तावों को फिलहाल समीक्षा के लिए रोका गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि आगामी 15 दिन में जनप्रतिनिधियों से रायशुमारी करते हुए ग्राउण्ड लेवल से फीडबैक लेकर प्रस्ताव तैयार किए जाएं। इसमें पुरानी पाइप लाइनों के सुदृढ़ीकरण के कामों को भी शामिल करें।
एप से होगी टंकी सफाई मॉनिटरिंग—
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने पेयजल टंकियों की नियमित सफाई का मुद्दा भी उठाया। इस पर पीएचईडी मंत्री चौधरी ने बताया कि टंकी सफाई की मॉनिटरिंग के लिए एप तैयार कराया गया है। इससे प्रदेश के सभी उच्च जलाशयों (पानी की टंकियां) को जोड़ा जा रहा है। इसमें सफाई की तिथि का भी इंद्राज किया जा रहा है। सफाई की अगली तिथि नजदीक आने पर संबंधित अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता को मैसेज के माध्यम से अपडेट मिलेगा, जिससे समय पर उनकी सफाई हो सके।
जनप्रतिनिधियों ने रखी समस्याएं—
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्र की पेयजल संबंधी समस्याओं से अवगत कराया। बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद कनकमल कटारा ने जनजाति अंचल के दोनों जिलों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन और अन्य परियोजना के कई काम लंबे समय से पूर्ण नहीं हुए हैं। ठेके सबलेट करने की परंपरा के चलते कार्य की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। इस पर मंत्री ने बांसवाड़ा और डूंगरपुर के अधीक्षण अभियंताओं से वस्तुस्थिति की जानकारी लेते हुए जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने भुवाणा क्षेत्र में 20 हजार आबादी पेयजल सुविधा से वंचित होना बताया। इस पर मंत्री ने उक्त क्षेत्र को अमृत-2 में शामिल कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने कई क्षेत्रों में आधी रात को जलापूर्ति किए जाने, लाइनमैन द्वारा समय पर आपूर्ति नहीं करने, स्मार्टसिटी क्षेत्र में जलापूर्ति को लेकर स्मार्टसिटी लिमिटेड और पीएचईडी में समन्वय नहीं होने जैसे कई समस्याएं बताई।
इस पर मंत्री ने स्मार्टसिटी व पीएचईडी की संयुक्त बैठक बुलवाकर तत्काल समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए। राजसमंद विधायक श्रीमती दीप्ति किरण माहेश्वरी, सलूम्बर विधायक अमृतलाल मीणा, खेरवाड़ा विधायक नानालाल अहारी ने भी अपने क्षेत्र की पेयजल परियोजना तथा शहरी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं रखी।