राज्य सरकार पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को 150 यूनिट फ्री बिजली प्रदान कर रही है। यह योजना उन उपभोक्ताओं के लिए है, जिन्हें पहले से 100 यूनिट फ्री बिजली का लाभ मिल रहा है।
इसके साथ ही, आवेदक के पास अपनी खुद की पक्की छत होना अनिवार्य है, जिस पर सोलर पैनल स्थापित किया जा सके। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लगभग दो महीने पहले इस योजना का शुभारंभ किया था, जिसके बाद से रजिस्ट्रेशन खुले हुए हैं।
1.1 किलोवाट का सोलर पैनल कैसे होगा मुफ्त?
जो उपभोक्ता 100 यूनिट फ्री बिजली का लाभ ले रहे हैं, वे अपनी छत पर 1.1 किलोवाट का सोलर पैनल लगवा सकते हैं। इस पर केंद्र सरकार उन्हें ₹33,000 की सब्सिडी प्रदान करेगी, जो सभी उपभोक्ताओं को मिलती है।
इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ₹17,000 की आर्थिक मदद दे रही है। इस प्रकार, उपभोक्ता को कुल ₹50,000 की सब्सिडी प्राप्त होती है।
दोनों सरकारों से मिली इस सब्सिडी से 1.1 किलोवाट का सोलर पैनल लगाने में आने वाला उपभोक्ता का खर्च शून्य हो जाता है। यह पैनल हर महीने लगभग 150 यूनिट फ्री बिजली पैदा करने में सक्षम है।
सोलर पैनल से उपभोक्ता हर महीने 150 यूनिट बिजली का उत्पादन स्वयं करेगा। इससे उपभोक्ता के बिजली बिल में 150 यूनिट उत्पादन की राशि को घटा दिया जाएगा, जिससे बिल काफी कम या शून्य हो जाएगा।
सब्सिडी के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
इस योजना के तहत सब्सिडी प्राप्त करने के लिए रजिस्ट्रेशन अभी भी खुले हुए हैं। विभागीय वेबसाइट पर जाकर उपभोक्ता अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।
पिछले दो महीनों में लगभग 2.5 लाख उपभोक्ता इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। राज्य सरकार की ओर से 1.1 किलोवाट के सोलर पैनल के लिए ₹17,000 की सब्सिडी के तहत ये रजिस्ट्रेशन जारी हैं।
उपभोक्ताओं को अपने-अपने डिस्कॉम की वेबसाइट जैसे https://www.energy.rajasthan.gov.in/Jvvnl, https://www.energy.rajasthan.gov.in/Jdvvnl, https://www.energy.rajasthan.gov.in/avvnl या वेबपोर्टल BijliMitra के माध्यम से अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा।
सब्सिडी की सीमा और अतिरिक्त उत्पादन के नियम
3 किलोवाट तक के पैनल पर ही राज्य की सब्सिडी
राज्य सरकार की ₹17,000 की आर्थिक मदद केवल 3 किलोवाट तक के सोलर पैनल लगाने पर ही सीमित है। यदि कोई उपभोक्ता इससे अधिक क्षमता का पैनल लगवाता है, तो उसे राज्य सरकार से ₹17,000 की सब्सिडी नहीं मिलेगी।
हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से 3 किलोवाट या इससे अधिक क्षमता का सोलर पैनल लगवाने पर अधिकतम ₹78,000 तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है। यह उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता है।
150 यूनिट से अधिक बिजली उत्पादन पर क्या होगा?
बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार, 150 यूनिट उत्पादन पर 150 यूनिट तक का बिजली बिल तो मुफ्त रहेगा ही। यदि कोई उपभोक्ता 150 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन करता है, तो अतिरिक्त यूनिट को अगले बिल में समायोजित किया जा सकता है।
उदाहरण के लिए, यदि सोलर पैनल ने एक महीने में 200 यूनिट बिजली का उत्पादन किया और उपभोक्ता ने केवल 140 यूनिट का उपभोग किया, तो बची हुई 60 यूनिट ग्रिड में चली जाएंगी।
जब भी उपभोक्ता का बिल बढ़ा हुआ आएगा, तो इस अतिरिक्त उत्पादन को उसमें से समायोजित किया जा सकता है। यदि फिर भी कुछ यूनिट बच जाती हैं, तो वित्तीय वर्ष के अंत में उन यूनिट का भुगतान उपभोक्ता को किया जा सकता है।
क्या 100 यूनिट फ्री बिजली योजना बंद होगी?
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल जिन परिवारों को पिछली सरकार के समय से 100 यूनिट बिजली फ्री मिल रही है, उन्हें यह सुविधा ऐसे ही मिलती रहेगी। यह योजना बंद नहीं की जाएगी।
जो उपभोक्ता 150 यूनिट फ्री बिजली योजना के लिए सोलर पैनल लगवाएंगे, वे ही 100 यूनिट फ्री योजना के दायरे से बाहर हो जाएंगे। ऐसे उपभोक्ता 50 यूनिट ज्यादा फ्री बिजली का लाभ उठा सकेंगे।
योजना की शर्त के अनुसार, 150 यूनिट फ्री बिजली के लिए वे उपभोक्ता रजिस्ट्रेशन नहीं करवा सकते, जिनके पास पक्की छत नहीं है। विभागीय अनुमान के अनुसार, ऐसे लगभग 30 लाख उपभोक्ता हैं।
इन उपभोक्ताओं को फिलहाल 100 यूनिट फ्री बिजली का फायदा मिलता रहेगा, जिससे वे भी राहत महसूस कर सकें।