यूडीएच और स्वायत्त शासन जैसा अहम विभाग पहली बार मंत्री बने झाबरसिंह खर्रा को देकर चौंका दिया है।
सीएम भजनलाल शर्मा के पास 8 विभाग
सीएम भजनलाल शर्मा के पास गृह विभाग, आबकारी विभाग, कार्मिक विभाग, आयोजना विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, नीति निर्धारण प्रकोष्ठ—मुख्यमंत्री सचिवालय, सूचना जनसंपर्क विभाग, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, खनन समेत 8 विभाग हैं।
वसुंधरा राजे के पास थे 26 विभाग
वसुंधरा राजे के पास दिसंबर 2016 में मंत्रिपरिषद के फाइनल फेरबदल के बाद 26 विभाग थे।
अशोक गहलोत के पास थे 9 और 10 विभाग
2018 में सरकार बनने के पास अशोक गहलोत के पास वित्त विभाग, आबकारी, आयोजना विभाग, नीति आयोजना विभाग,सामान्य प्रशासन विभाग, राजस्थान राज्य अन्वेषण ब्यूरो, सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग, गृह मामलात और न्याय विभाग थे।
नवंबर 2021 में मंत्रिमंडल फेरबदल के बाद तत्कालीन सीएम अशोक गहलोत के पास वित्त विभाग, कराधान विभाग,गृह और न्याय विभाग, कार्मिक विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रिमण्डल सचिवालय, अप्रवासी भारतीय विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग, राजस्थान राज्य अन्वेषण ब्यूरो,सूचना जनसंपर्क विभाग थे।
राजस्थान में भाजपा सरकार के मंत्रियों को विभागों का बंटवारा एक चौंकाने वाला फैसला है। दीया कुमारी को वित्त मंत्री बनाना और यूडीएच और ऊर्जा जैसे बड़े विभाग स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों को देना, इस बंटवारे की सबसे बड़ी बातें हैं।
इस बंटवारे से यह साफ है कि भाजपा सरकार में दीया कुमारी सबसे पावरफुल चेहरा होंगी।