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ज़िंदगानी

राजस्थान की ड्रीम पचपदरा रिफाइनरी 96.4% पूर्ण: उत्पादन जल्द

प्रदीप बीदावत प्रदीप बीदावत 96

राजस्थान (Rajasthan) के पचपदरा (Pachpadra) में बन रही देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी का 96.4% काम पूरा। मूंदड़ा पोर्ट (Mundra Port) पर अरब मिक्स क्रूड ऑयल (Arab Mix Crude Oil) की पहली खेप पहुंची, गैस पाइपलाइन (Gas Pipeline) की टेस्टिंग भी शुरू।

HIGHLIGHTS

  1. 1 पचपदरा रिफाइनरी का 96.4% कार्य पूरा हो चुका है। मूंदड़ा पोर्ट पर अरब मिक्स क्रूड ऑयल की पहली खेप पहुंची। गैस पाइपलाइन की टेस्टिंग शुरू, जल्द उत्पादन की उम्मीद। यह देश की पहली बीएस-6 मानक और जीरो लिक्विड डिस्चार्ज रिफाइनरी है।
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पचपदरा रिफाइनरी: 96.4% काम पूरा, क्रूड पहुंचा

बाड़मेर: राजस्थान (Rajasthan) के पचपदरा (Pachpadra) में बन रही देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी का 96.4% काम पूरा। मूंदड़ा पोर्ट (Mundra Port) पर अरब मिक्स क्रूड ऑयल (Arab Mix Crude Oil) की पहली खेप पहुंची, गैस पाइपलाइन (Gas Pipeline) की टेस्टिंग भी शुरू।

राजस्थान का यह ड्रीम प्रोजेक्ट अब अपने अंतिम चरण में है, जो प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। एचपीसीएल और राज्य सरकार मिलकर इस परियोजना की लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि उत्पादन जल्द से जल्द शुरू हो सके।

मुख्यमंत्री स्तर पर भी इस प्रोजेक्ट की नियमित समीक्षा की जा रही है, जो इसकी महत्ता को दर्शाता है। वर्तमान में रिफाइनरी इकाई का 96.4 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जो एक बड़ी प्रगति है।

राजस्थान का महत्वाकांक्षी ड्रीम प्रोजेक्ट

पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान सरकार का एक महत्वाकांक्षी ड्रीम प्रोजेक्ट है। यह देश की पहली ऐसी परियोजना है, जिसमें रिफाइनरी के साथ-साथ एक पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का भी निर्माण किया जा रहा है।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य पूरा कर जल्द से जल्द उत्पादन शुरू करवाने के निर्देश दिए हैं। यह परियोजना न केवल ईंधन उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाएगी बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी।

क्रूड ऑयल की पहली खेप पहुंची, पाइपलाइन तैयार

ऑयल रिफाइनिंग प्रक्रिया को तेज करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मूंदड़ा पोर्ट पर अरब मिक्स क्रूड ऑयल की पहली खेप सफलतापूर्वक पहुंच चुकी है।

इसके बाद शुक्रवार को जयपुर में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में एचआरआरएल की राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की 7वीं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एचपीसीएल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने रिफाइनरी कार्य की प्रगति की समीक्षा की।

रिफाइनरी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमलाकर आर. विखार और सीएफओ इंद्रजीत दासगुप्ता ने बताया कि कुल मिलाकर 90.3 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। वहीं, रिफाइनरी यूनिट का 96.4 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है, जो उत्पादन के करीब है।

मूंदड़ा पोर्ट के 6 टैंकों से पाइपलाइन के माध्यम से 150 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल रिफाइनरी तक पहुंचाया जाएगा। रिफाइनरी में ओबीई (ऑन-ब्लॉक एग्जीक्यूशन) कार्य भी 99.8 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

गैस पाइपलाइन की टेस्टिंग शुरू

रिफाइनरी का कार्य अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही गैस पाइपलाइन की टेस्टिंग भी शुरू कर दी गई है। यह उत्पादन शुरू करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

एचपीसीएल के विकास कौशल ने बताया कि मेहसाना-भटिंडा गैस पाइपलाइन से रिफाइनरी में गैस की आपूर्ति शुरू हो गई है। फ्लेयर सिस्टम के चालू होने के साथ ही टेस्टिंग प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

रिफाइनरी में पानी की आपूर्ति नाचना रिजर्व से की जा रही है, जिससे परियोजना के संचालन के लिए आवश्यक जल संसाधन सुनिश्चित हो सके। यह सभी तैयारियां उत्पादन शुरू करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

अत्याधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल विशेषताएँ

पचपदरा रिफाइनरी देश की सबसे अत्याधुनिक बीएस-6 मानक की रिफाइनरी है। यहां रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल प्लांट एक साथ विकसित किए जा रहे हैं, जो इसे अनूठा बनाता है।

यह पूरी तरह से जीरो लिक्विड इफ्लूएंट डिस्चार्ज परियोजना है। इसका मतलब है कि क्रूड ऑयल रिफाइनिंग के दौरान किसी भी तरह का तरल कचरा बाहर नहीं जाएगा, जिससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होगा।

पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह आधुनिक तकनीक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का एक बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करती है।

उत्पादन क्षमता और आर्थिक प्रभाव

पचपदरा रिफाइनरी की सालाना रिफाइनिंग क्षमता 9 मिलियन टन कच्चे तेल की है। इसके साथ ही, यहां 2 मिलियन टन क्षमता का पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स भी स्थापित किया गया है।

रिफाइनरी के लिए कुल 7.5 मिलियन टन कच्चा तेल अरब देशों से मंगाया जाएगा। वहीं, प्रदेश में उत्पादित करीब 1.5 मिलियन टन कच्चे तेल का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे स्थानीय संसाधनों का भी सदुपयोग होगा।

करीब 80 हजार करोड़ रुपए की लागत से बन रही इस रिफाइनरी से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह परियोजना राजस्थान की अर्थव्यवस्था को एक नई गति प्रदान करेगी।

नई रेल लाइन से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

क्रूड ऑयल रिफाइनिंग और बायो-प्रोडक्ट्स के उत्पादन से माल ढुलाई भी बढ़ेगी। इसे ध्यान में रखते हुए बालोतरा से पचपदरा के बीच बंद पड़ी रेल लाइन को दोबारा शुरू करने की तैयारी है।

हाल ही में इसका सर्वे शुरू किया गया है, जो इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। बालोतरा से पचपदरा और रिफाइनरी साइट तक करीब 12 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन एचआरआरएल की ओर से बिछाई जाएगी।

यह नई रेल लाइन माल ढुलाई को सुगम बनाएगी और क्षेत्र के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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