नई दिल्ली | राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भारतीय जनता पार्टी पर 'वोट चोरी' का गंभीर आरोप लगाकर प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता के दौरान डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा की कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार किए। डोटासरा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजस्थान में लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है।
डोटासरा ने दावा किया कि राजस्थान में 'सस्पेंशन, इंप्रूवमेंट एंड रोटेशन' (SIR) की प्रक्रिया के बाद जो ड्राफ्ट लिस्ट जारी हुई है, उसमें से लगभग 45 लाख मतदाताओं के नाम गायब हैं। उन्होंने कहा कि इन नामों को 'अनुपस्थित, स्थानांतरित या मृत' (Absent, Shifted, Death) श्रेणी में डालकर सोची-समझी रणनीति के तहत सूची से बाहर कर दिया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि यह पूरी कवायद भाजपा को चुनावी लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
भाजपा की कथित 'गुप्त रणनीति' का पर्दाफाश
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि 3 जनवरी को भाजपा के संगठन महासचिव बी.एल. संतोष के राजस्थान दौरे के बाद से ही मतदाता सूची में फर्जी तरीके से नाम जोड़ने और काटने का खेल शुरू हुआ। उन्होंने चुनाव आयोग की वेबसाइट के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 17 दिसंबर से 14 जनवरी के बीच भाजपा के 937 बीएलए (BLA) के माध्यम से 5,694 वोट काटने के आवेदन दिए गए, जबकि इसकी तुलना में कांग्रेस के 110 बीएलए के माध्यम से केवल 2 नाम हटाने के आवेदन दिए गए थे। डोटासरा ने कहा कि यह अंतर ही भाजपा की मंशा को स्पष्ट करने के लिए काफी है।