इस साजिश में शामिल डालूराम मीणा और हरसनराम देवासी को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। अब उनके सहयोगी सुनील कुमार बिश्नोई को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
सुनील कुमार जालौर का निवासी है और वर्तमान में निलंबित द्वितीय श्रेणी अध्यापक है। गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
पुराना है आपराधिक रिकॉर्ड
एसओजी के मुताबिक सुनील कुमार का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह इससे पहले शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती परीक्षा 2022 में भी पकड़ा गया था।
उस समय भी उसने डमी कैंडिडेट उपलब्ध कराने के बदले लाखों रुपये की वसूली की थी। जांच में सुनील के संबंध कुख्यात पेपर लीक सरगना पोरब कालेर से मिले हैं।
पोरब कालेर ब्लूटूथ और स्पाई कैमरों के जरिए नकल कराने के लिए बदनाम है। एसओजी की पूछताछ में अब कई नए और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।
पुलिस इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव मानी जा रही हैं।
राजस्थान सरकार पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है। एसओजी की टीमें राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
अभ्यर्थियों में इस कार्रवाई के बाद न्याय की उम्मीद जगी है। जांच एजेंसी हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही है ताकि असली गुनहगार बच न सकें।