अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले विधायक राजेंद्र गुढ़ा को सदन में लाल डायरी लहराने के चलते सदन के शेष सत्रों से निलंबन की सजा मिली है।
सदन में सुबह हुए हंगामे के बाद जब दोपहर दो बजे विधानसभा की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विपक्षी भाजपा ने हंगामा शुरू कर दिया।
बीजेपी विधायक वेल में आ गए और लाल डायरी लहराने लगे। लगातार शोर-शराबा होने के चलते कार्यवाही को एक घंटे के लिए दोबारा रोक दिया गया।
इसके बाद जब फिर से विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो फिर से हंगामा भी शुरू हो गया।
भाजपा नेता वेल में लाल डायरी लहराते रहे थे। स्पीकर के मना करने के बावजूद भी जब भाजपा विधायक मदन दिलावर नहीं माने तो उन्हें विधानसभा के शेष सत्र से निलम्बित कर दिया गया।
पहले राजेंद्र गुढ़ा पर गिरी थी गाज
अपने वादे के मुताबिक, पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा सोमवार को विधानसभा में लाल डायरी लेकर पहुंचे थे।
सदन की कार्यवाही के दौरान उन्होंने लाल डायरी जैसे ही विधानसभा में दिखाई तो जोरदार हंगामा हो गया।
स्पीकर सीपी जोशी की बात की अवमानना करने के बाद गुढ़ा को सदन से बाहर कर दिया गया।
सदन से बाहर आने के बाद गुढ़ा ने गहलोत सरकार के आला मंत्री शांति धारीवाल पर आरोप लगाया है कि धारीवाल ने मुझे लात मारी और गिरा दिया और रफीक खान ने मुझसे हाथापाई की।