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राजनीति

अमृता धवन बोलीं- खूब संयम रखा, पहले ही निकाल देना चाहिए था, धारीवाल ने बताया बिगड़ा हुआ केस

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राजेंद्र गुढ़ा का पद छिनते ही अब उनकी अपनी पार्टी के नेता भी पराये हो गए और उनके खिलाफ ही बोलने लगे हैं। अब उनकी पार्टी के साथी भी उनसे विमुख होते जा रहे हैं और उनके खिलाफ लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

HIGHLIGHTS

  1. 1 राजेंद्र गुढ़ा का पद छिनते ही अब उनकी अपनी पार्टी के नेता भी पराये हो गए और उनके खिलाफ ही बोलने लगे हैं। अब उनकी पार्टी के साथी भी उनसे विमुख होते जा रहे हैं और उनके खिलाफ लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
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Amrita Dhawan - Rajendra Gudha

जयपुर | राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2023 से पहले कांग्रेस एक्शन मोड में आ गई है। 

जिसका श्री गणेश उसने अपने ही मंत्री राजेंद्र गुढ़ा (Rajendra Gudha) से कर दिया है। गुढ़ा को मंत्री पद से बर्खास्त कर सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने ये जता दिया है कि अगर किसी की जुबान फिसलती है तो उसका अंजाम अच्छा नहीं होगा।

गौरतलब है कि, राजेन्द्र गुढ़ा को भी अपनी ही सरकार के खिलाफ बोलना भारी पड़ा है। गुढ़ा ने शुक्रवार को विधानसभा में गहलोत सरकार के खिलाफ तेवर दिखाते हुए कहा था कि, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को स्वीकार करना चाहिए।

ये सच्चाई है कि हम महिलाओं की सुरक्षा में असफल हो गए।  राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ जिस तरह से अत्याचार बढ़े हैं, मणिपुर की चिंता करने की बजाय हमें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।

राजेंद्र गुढ़ा की जुबां से निकले ये शब्द सीएम गहलोत को नागवार साबित हुए और उन्होंने तुरंत एक्शन लेते हुए गुढ़ा को मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया।

पद छिनते ही अपने भी हुए पराये

राजेंद्र गुढ़ा का पद छिनते ही अब उनकी अपनी पार्टी के नेता भी पराये हो गए और उनके खिलाफ ही बोलने लगे हैं। 

अब उनकी पार्टी के साथी भी उनसे विमुख होते जा रहे हैं और उनके खिलाफ लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

कांग्रेस के दिग्गज नेता शांति धारीवाल (Shanti Dhariwal) ने राजेंद्र गुढ़ा को बिगड़ा हुआ केस बताया है। 

राजेंद्र गुढ़ा को लेकर सहप्रभारी अमृता धवन (Amrita Dhawan) ने भी उनके खिलाफ बोलते हुए कहा कि, राजेंद्र गुढ़ा जी को राजस्थान के मंत्री पद से बहुत पहले ही बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए था। 

सरकार और पार्टी ने बहुत समय तक संयम रखा। हमारे प्रभारी सुखजिंदर रंधावा जी ने भी उन्हें खूब मौके दिए।

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