राजेंद्र राठौड़ ने सीकर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोविंद सिंह डोटासरा पर हमला बोलते हुए कहा कि डोटासरा जी मेरे मित्र हैं। वे कई बार चुनौती भी देते हैं। वो बड़े नेता हैं और मैं छोटा नेता हूं। मैं सात बार जीता हूं और डोटासरा जी तीन बार जीतकर तुर्म खान बने हुए हैं।
राठौड़ यहीं तक चुप नहीं रहे उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को अहंकारी रावण बताते हुए कहा कि गोविंद सिंह डोटासरा को घमंड है तो आकर मुकाबला कर लें। मैं तो पार्टी का दरी बिछाया हुआ कार्यकर्ता हूं।
बता दें कि राठौड़ भाजपा की परिवर्तन यात्रा में शामिल होने सीकर पहुंचे थे।
इस दौरान उन्होंने डोटासरा को ललकारते हुए कहा कि मैं लक्ष्मणगढ़ में उन्हीं को कह कर जा रहा हूं कि गोविंद जी आप कभी मुझे ललकारते हैं, कभी किसी और को।
राठौड़ ने कहा जिस दंभी नेता ने कहा कि आरएसएस को बिल में घुसा देंगे, उस दंभी नेता को अब घुसने के लिए जगह नहीं मिलेगी।
इस विराट सभा का वीडियो देख लेना, आप किस बिल में घुसोगे। आपको बिल भी नहीं मिलेगा, आपकी विदाई तय है। अहंकार तो रावण का भी नहीं चला था।
राठौड़ ने कहा कि डोटासरा अहंकारी रूप से कहते हैं कि गुस्सा आता है तो न जाने में क्या कर देता हूं।
यह धरती सालासर हनुमान को मानने वालों की धरती है। हनुमानजी से पंगा रावण ने लिया था। हनुमानजी की पूंछ पर आग लगाई तो उन्होंने लंका को जला डाला। ऐसे में अब इस सरकार का जलना तय हो गया है।