वहीं दूसरी ओर, सतीश पूनिया को भी प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेदारी से मुक्त करने के बाद अब विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष की कमान सौंपी गई है।
आपको बता दें कि, राजस्थान विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष रहे गुलाबचंद कटारिया के असम का राज्यपाल बनने के बाद से ये पद रिक्त चल रहा है।
इस दौरान राज्य की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे भी मौजूद रहीं और काफी खुश नजर आईं। राजे ने सतीश पूनिया को फूलों का गुलदस्ता भेंट कर बधाई दी।
गौरतलब है कि, राजस्थान में इस साल होने जा रहे विधानसभा चुनावों में अब समय काफी कम बचा है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी विधानसभा और लोकसभा चुनाव 2024 के लिए पूरी तरह से तैयारियों में जुटी हुई है। इससे पहले पिछले दिनों ही सतीश पूनिया को राजस्थान भाजपा प्रदेषाध्यक्ष के पद से हटाकर चित्तौड़गढ़ से सांसद सीपी जोशी को प्रदेशाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
क्यों चुना राजेंद्र राठौड़ को?
विधानसभा में खाली हुए नेता प्रतिपक्ष के लिए राजेन्द्र राठौड़ को उनकी वरिष्ठता, उम्र और विधानसभा में बेबाक होकर मुद्दों उठाने और सत्ताधारी पक्ष को सवालों में घेरने जैसे कारणों को ध्यान में रखते हुए पद के लिए सबसे योग्य माना गया है।
वसुंधरा राजे की क्या होगी भूमिका?
अब राजस्थान भाजपा में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की राजस्थान में पार्टी संगठन में भूमिका को लेकर असमंजस बना हुआ है। पार्टी में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में अब राजे विधानसभा चुनावों में किस पद पर क्या भूमिका निभाने वाली हैं ये देखने लायक होगा।