अध्यक्ष पद पर राजीव सोगरवाल की जीत
राजीव सोगरवाल ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जयपुर के 42वें अध्यक्ष के रूप में निर्वाचन हासिल किया है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी महेन्द्र शांडिल्य को 532 मतों के बड़े अंतर से हराया।
सोगरवाल को कुल 1741 वोट मिले, जबकि महेन्द्र शांडिल्य को 1209 वोट प्राप्त हुए। यह जीत उनके समर्थकों के लिए एक बड़ा उत्साह लेकर आई।
महासचिव पद पर दीपेश शर्मा की रिकॉर्ड जीत
महासचिव पद पर दीपेश शर्मा ने एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उन्होंने रिकॉर्ड 2748 मतों के विशाल अंतर से अपने प्रतिद्वंद्वी को पराजित किया।
शर्मा को मिले वोटों की संख्या उनकी लोकप्रियता और वकीलों के बीच उनके मजबूत जनाधार को दर्शाती है। यह परिणाम एसोसिएशन के इतिहास में एक मील का पत्थर है।
अन्य प्रमुख पदों पर विजयी उम्मीदवार
चुनाव में उपाध्यक्ष के दो पदों पर एडवोकेट अनुराग कलवाटिया और सुनील शर्मा ने जीत दर्ज की है। अनुराग कलवाटिया ने 990 वोटों के अंतर से और सुनील कुमार शर्मा ने 409 वोटों के अंतर से विजय प्राप्त की।
संयुक्त सचिव के पद पर हिमांशी मीणा ने 20 वोटों के मामूली अंतर से जीत हासिल की। कोषाध्यक्ष पद पर प्रीत शर्मा 678 वोटों के अंतर से विजयी रहे।
बॉबी दत्ता ने पुस्तकालय सचिव का पद 437 वोटों के अंतर से जीता, जबकि प्रज्ञा पांडे संयुक्त पुस्तकालय सचिव के रूप में 323 वोटों के अंतर से विजयी रहीं। उपासना आर्य ने सांस्कृतिक सचिव का पद 997 वोटों के बड़े अंतर से अपने नाम किया।
जीत के बाद राजीव सोगरवाल का संकल्प
अपनी जीत के बाद राजीव सोगरवाल ने वकीलों के हितों की रक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि वे वकीलों को पार्किंग और रजिस्ट्री से संबंधित समस्याओं को हल करने का हर संभव प्रयास करेंगे।
सोगरवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि बार (वकीलों) और बेंच (न्यायाधीशों) के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक होगा। यह न्यायिक प्रक्रिया को सुचारू बनाने में मदद करेगा।
नई कार्यकारिणी में महिलाओं को मिला पर्याप्त प्रतिनिधित्व
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की नव निर्वाचित कार्यकारिणी में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिला है। कुल 6 महिलाएं इस बार कार्यकारिणी का हिस्सा बनी हैं।
इनमें से 5 महिलाओं ने पदाधिकारी के रूप में और एक महिला ने कार्यकारिणी सदस्य के पद पर जीत हासिल की है। यह बार एसोसिएशन में लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यकारिणी सदस्यों की सूची
- कुलदीप शर्मा
- शुभम जैन
- अनुश्री अग्रवाल
- सौरभ तिवाड़ी
- अजय सिंह राजावत
- नरेन्द्र पारीक
- दुष्यंत सिंह नरूका
- देवेन्द्र शर्मा
बम की धमकी के बीच कड़ी सुरक्षा में हुए मतदान
राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के लिए मतदान गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ था। हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की लगातार धमकियां मिल रही थीं।
इन धमकियों के बावजूद, लगभग 86 प्रतिशत वकीलों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सुरक्षाकर्मियों ने मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाए रखने के लिए अथक प्रयास किए।
जयपुर बार एसोसिएशन में भी भारी मतदान
दी बार एसोसिएशन जयपुर के चुनावों में भी रिकॉर्ड तोड़ मतदान हुआ। यहां लगभग 90 प्रतिशत वकीलों ने अपने मत डाले।
कुल 4,566 वकील मतदाताओं में से 4,119 वकीलों ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया। यह मतदान वकीलों की अपने प्रतिनिधियों के प्रति सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
जयपुर बार एसोसिएशन चुनाव की प्रमुख बातें
एसोसिएशन के 21 पदों के लिए कुल 66 प्रत्याशी मैदान में थे। अध्यक्ष पद पर 7, उपाध्यक्ष के दो पदों के लिए 5, महासचिव पद पर 8 और संयुक्त सचिव पद पर 6 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे थे।
चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए लगभग 250 वकीलों की एक टीम बनाई गई थी। पूरी चुनाव प्रक्रिया की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की गई, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 100 पुलिसकर्मियों को भी ड्यूटी पर तैनात किया गया था। जयपुर बार को 'मदर बार' भी कहा जाता है, क्योंकि जयपुर के अधिकतर वकीलों ने यहीं से अपने करियर की शुरुआत की है, जिससे इसका अपना विशेष महत्व है।
अन्य बार एसोसिएशनों में निर्विरोध निर्वाचन
ऋण वसूली अधिकरण बार एसोसिएशन में अध्यक्ष पद पर कीर्ति कपूर और महासचिव पद पर प्रमोद कुमार का निर्विरोध निर्वाचन हुआ। यह उनके नेतृत्व पर वकीलों के भरोसे को दर्शाता है।
पारिवारिक न्यायालय बार एसोसिएशन के चुनाव भी निर्विरोध संपन्न हुए। अध्यक्ष पद पर एक बार फिर डीएस शेखावत को चुना गया, जो उनकी पिछली सफलताओं का प्रमाण है।
महासचिव पद पर पंकज अरोड़ा, उपाध्यक्ष पद पर नईमुद्दीन अंकित, संयुक्त सचिव पद पर जितेन्द्र शर्मा और कोषाध्यक्ष पद पर कुलदीप शर्मा सहित 7 पदाधिकारी निर्विरोध चुने गए। कार्यकारिणी के 5 सदस्यों का भी निर्विरोध चुनाव हुआ।
इन चुनावों को अधिवक्ता पूनम चंद भंडारी, घनश्याम सिंह शेखावत और श्रीकृष्णा खंडेलवाल ने सफलतापूर्वक संपन्न कराया।