पाली | पाली में 43 साल से बीजेपी विधानसभा का चुनाव जीत रही है। कांग्रेस लगातार हार रही है। कांग्रेस में दो गुट इसकी बड़ी वजह है। परन्तु इस बार कहानी दूसरी है। इस बार बीजेपी से ही बगावत कर रहे हैं राकेश भाटी।
भाटी का कहना है मैं चुनाव लडूंगा और ज्ञानचंद पारख जिन्हें लगातार छठी बार टिकट मिला है। उन्हें हराउंगा। भाटी किसी पार्टी से टिकट लाने की बात तो कहते हैं, लेकिन पार्टी का नाम पूछने पर टाल जाते हैं।
राकेश भाटी खुद पाली में नगर परिषद के सभापति रह चुके हैं। अभी इनकी धर्मपत्नी श्रीमती रेखा भाटी पाली नगर परिषद की सभापति हैं। राकेश भाटी खुद पांच बार पार्षद रह चुके हैं। उप सभापति और नगर परिषद के प्रतिपक्ष नेता रह चुके हैं।
पहले भाटी बीजेपी के कद्दावर नेता थे। जिला महामंत्री तक का दायित्व रहा। परन्तु अभी कुछ दिनों पहले बेगाने हो गए। नगर परिषद में भ्रष्टाचार के आरोप विधायक ज्ञानचंद पारख तक लगाते रहे। दोनों के खिलाफ एक माहौल बना और एक ठेकेदार हनुमान सिंह राजपुरोहित की आत्महत्या करने और सुसाइड नोट में मेंशन कर दिए जाने के बाद रेखा भाटी को डीएलबी ने बर्खास्त कर दिया। परन्तु न्यायालय ने रेखा भाटी को राहत दी और पुन: बहाल किया।